नई दिल्ली:
देश के खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई ने खाने की चीजों को अखबार में रखने पैक करने या रखकर खाने के प्रति लोगों को आगाह किया है और इसे खतरनाक और जहरीला बताया है। एफएसएसएआई का कहना है अखबारों में रखे खाने के जरिए लोगों के शरीर में कैंसर जैसे रोग के कारक तत्व पहुंच रहे हैं।
भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकार ने इस बारे में एक परामर्श जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि, ‘खाने या खाद्य पदार्थों को अखबारों में रखना या लपेटना अस्वास्थ्यकारी है और इस तरह के खाद्य उत्पाद या खाना हेल्थ के लिए खतरनाक है। फिर भले ही उक्त खाना कितना ही अच्छा और टेस्टी क्यों न बना हो।’ उल्लेखनीय है कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने एफएसएसएआई से कहा था कि वह इस बारे में परामर्श जारी करे।
परामर्श में कहा गया है कि चूंकि अखबार छापने वाली स्याही में अनेक खतरनाक बायोएक्टिव तत्व होते हैं जिनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी सभी को है।
इसके साथ ही प्रकाशन स्याही में हानिकारक रंग, पिगमेंट और परिरक्षक आदि हो सकते हैं। यही नहीं, बुजुर्गों, किशोरों, बच्चों और किसी रोग से पीड़ित लोगों को अखबारों में खाना देना खतरनाक हो सकता है।
एफएसएसएआई ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों से कहा है कि वे इस बारे में लोगों को जागरक करें।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकार ने इस बारे में एक परामर्श जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि, ‘खाने या खाद्य पदार्थों को अखबारों में रखना या लपेटना अस्वास्थ्यकारी है और इस तरह के खाद्य उत्पाद या खाना हेल्थ के लिए खतरनाक है। फिर भले ही उक्त खाना कितना ही अच्छा और टेस्टी क्यों न बना हो।’ उल्लेखनीय है कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने एफएसएसएआई से कहा था कि वह इस बारे में परामर्श जारी करे।
परामर्श में कहा गया है कि चूंकि अखबार छापने वाली स्याही में अनेक खतरनाक बायोएक्टिव तत्व होते हैं जिनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी सभी को है।
इसके साथ ही प्रकाशन स्याही में हानिकारक रंग, पिगमेंट और परिरक्षक आदि हो सकते हैं। यही नहीं, बुजुर्गों, किशोरों, बच्चों और किसी रोग से पीड़ित लोगों को अखबारों में खाना देना खतरनाक हो सकता है।
एफएसएसएआई ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों से कहा है कि वे इस बारे में लोगों को जागरक करें।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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