- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची आज रात इस्लामाबाद एक संक्षिप्त दल के साथ पहुंच सकते हैं
- पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता के दूसरे दौर की तैयारी तेज की है
- अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने और नाकाबंदी के कारण देरी बनी हुई है
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक संक्षिप्त दल के साथ आज रात इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं. पाकिस्तान के एक सरकारी सूत्र ने ये जानकारी दी. सूत्र ने बताया कि पाकिस्तानी मध्यस्थता दल के साथ महत्वपूर्ण बातचीत और विचार-विमर्श के बाद अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद शांति वार्ता के दूसरे दौर की उम्मीद है. वार्ता प्रक्रिया के लिए अमेरिका की लॉजिस्टिक और सुरक्षा टीम पहले से ही इस्लामाबाद में मौजूद है. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री का दौरा अमेरिका से वार्ता के लिए नहीं है.
पाकिस्तान-ईरान के विदेश मंत्री की हुई बात
DPM/FM Senator Mohammad Ishaq Dar @MIshaqDar50 received a call today from Foreign Minister of Iran H.E. Abbas Araghchi @Araghchi.
— Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) April 24, 2026
Both sides exchanged views on regional developments, the ceasefire, and ongoing diplomatic efforts being pursued by Islamabad in the context of… pic.twitter.com/eJ1fuVTVKE
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर ट्वीट कर बताया, 'उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री सीनेटर मोहम्मद इशाक डार को आज ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात करने का अवसर मिला. दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय घटनाक्रम, युद्धविराम और अमेरिका-ईरान संबंधों के संदर्भ में इस्लामाबाद द्वारा किए जा रहे राजनयिक प्रयासों पर विचार-विमर्श किया. उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने के लिए लंबित मुद्दों के समाधान हेतु निरंतर संवाद और सहयोग के महत्व पर बल दिया. विदेश मंत्री अराघची ने इस संबंध में पाकिस्तान की निरंतर और रचनात्मक मध्यस्थता की सराहना की और दोनों नेताओं ने घनिष्ठ संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की.'
एपी के अनुसार, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने पुष्टि की है कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान, ओमान और रूस की यात्रा पर जा रहे हैं. जाहिर है अगर ईरान के विदेश मंत्री अमेरिका से वार्ता के लिए इस्लामाबाद जा रहे होते तो वो सिर्फ इस्लामाबाद जाते. मगर वो तीन देशों की यात्रा पर जा रहे हैं. हां, ये अलग बात है कि इस्लामाबाद पहुंचने पर पाकिस्तान ईरान से वार्ता में शामिल होने का अनुरोध करेगा और अमेरिका से जारी उसकी बातचीत का ब्यौरा देगा.
क्यों टल रही है वार्ता
पिछले कुछ दिनों में, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए अपने राजनयिक प्रयासों को तेज कर दिया है. हालांकि, इस्लामाबाद में होने वाली अपेक्षित दूसरे दौर की बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव के कारण देरी हुई है, खासकर ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी के संबंध में.
पाकिस्तान लगातार संपर्क में
गुरुवार को, पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान में अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स नताली बेकर के साथ एक "महत्वपूर्ण बैठक" की, जहां दोनों ने इस्लामाबाद में संभावित दूसरे दौर की अमेरिकी-ईरान वार्ता के संबंध में राजनयिक प्रयासों पर चर्चा की. बुधवार को, ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि लगातार अविश्वास के बावजूद, दूसरे दौर की बातचीत दो से तीन दिनों के भीतर हो सकती है.
ट्रंप बार-बार दे रहे संकेत
न्यूयॉर्क पोस्ट द्वारा यह पुष्टि करने के लिए संपर्क किए जाने पर कि क्या बातचीत "अगले 36 से 72 घंटों के भीतर इस्लामाबाद में होने की उम्मीद है", ट्रंप ने कथित तौर पर टेक्स्ट संदेश के माध्यम से कहा, "यह संभव है!" हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.
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