विज्ञापन

प्रयागराज में कचौरी-जलेबी पर भारी पड़ा समोसा! जानिए क्यों बना शहर की ऑफिशियल सिग्नेचर डिश

Samosa Prayagraj Signature Dish: प्रयागराज में कचौरी-जलेबी के बावजूद समोसा कैसे बना शहर की सिग्नेचर डिश? जानिए समोसे का दिलचस्प इतिहास, इसकी लोकप्रियता और प्रयागराज से इसका खास कनेक्शन.

प्रयागराज में कचौरी-जलेबी पर भारी पड़ा समोसा! जानिए क्यों बना शहर की ऑफिशियल सिग्नेचर डिश
Samosa Prayagraj Signature Dish: प्रयागराज की ऑफिशियल डिश बना है समोसा. ( Image Credit-AI)

Samosa Prayagraj Signature Dish: खाने-पीने के शौकीनों के लिए आज गर्व का दिन है. या उनके लिए जो समोसे के दीवाने हैं. अब हम ऐसा क्यों कह रहे हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार ने ऑफिशियल तौर पर समोसे को प्रयागराज की सिग्नेचर डिश घोषित कर दिया है. ये मान्यता जनवरी 2026 में शुरू की गई महत्वाकांक्षी “वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूज़ीन” (ODOC) पहल के चलते दी गई है. “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” मॉडल से इंस्पायर इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य राज्य के 75 जिलों को एक अलग पाक पहचान देना है.

प्रयागराज की सिग्नेचर डिश समोसा ही क्यों चुना गया?

यह फैसला न तो अचानक लिया गया और न ही सिर्फ पुरानी यादों के आधार पर था, बल्कि इसके पीछे रिसर्च की गई. रिपोर्ट्स की मानें तो अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी प्रोसेस में फूड एक्सपर्ट, इतिहासकारों, फूड वेंडर्स और लोकल हितधारकों से डीटेल में चर्चा की गई. सर्वे किए गए, डेटा इकट्ठा किया गया और सभी राय पर सावधानी से विचार किया गया.

फूड डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर शरद टंडन ने बताया की इस प्रोसेस में कई विशेषज्ञ समितियां और फूड इंडस्ट्री से जुड़े लोग शामिल थे. जिसके बाद ये साफ हो गया कि समोसा वास्तव में प्रयागराज की रोजमर्रा की फूड कल्चर का प्रतीक है. दिलचस्प बात यह है कि यह मान्यता समोसे की किसी एक खास वैरायटी के लिए नहीं है. चाहे वह क्लासिक आलू वाला समोसा हो या मीठा समोसा, यह नया दर्जा बताता है कि हर रूप में समोसा ही शहर का प्रतिनिधित्व करता है.

समोसे का इतिहास

इस कहानी को और दिलचस्प बनाती है यह बात कि समोसा मूल रूप से भारतीय नहीं है. इसकी जड़ें 10वीं शताब्दी के फारस से जुड़ी हैं. 13वीं और 14वीं शताब्दी के बीच व्यापारी और सूफी विद्वान इसे भारत लेकर आए और फिर इसमें पूरी तरह बदलाव हुआ. स्थानीय स्वाद के अनुसार इसमें शाकाहारी फिलिंग शामिल की गई. आज भारतीय स्ट्रीट फूड की कल्पना समोसे के बिना करना मुश्किल है.

ये भी पढ़ें: क्या आपको पता है भारत में कैसे पहुंचा था समोसा? यहां जानिए इस स्वादिष्ट Samosa का रोचक इतिहास

शहर के लिए इसका क्या मतलब है

ODOC पहल से जिले में समोसे के कारोबार से जुड़े 1,000 से ज्यादा परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है. इसमें करीब 600 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, 200 स्ट्रीट वेंडर्स, 200 रेस्टोरेंट्स शामिल हैं. अधिकारियों की योजना समोसा बनाने को एक संगठित माइक्रो-इंडस्ट्री में बदलने की भी है. रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े स्तर पर संचालन के लिए 30 प्रमुख समोसा निर्माण प्रतिष्ठानों की पहचान की गई है.

समोसे से आगे, प्रयागराज का स्ट्रीट फूड भी है खास

हालांकि अब समोसे को ऑफिशियल दर्जा मिल गया है, लेकिन प्रयागराज की गलियां इससे कहीं ज्यादा स्वादभरी कहानी कहती हैं.

आप अपने दिन की शुरुआत गर्म, परतदार कचौड़ी और मसालेदार आलू की सब्जी से कर सकते हैं. किसी भी लोकल व्यक्ति से पूछिए, वह इसे शानदार शुरुआत के लिए एक परंपरा बताएगा.

यहां की चाट भी बेहद खास है. आलू टिक्की से लेकर दही पुरी तक, हर निवाला मीठे, मसालेदार और खट्टे स्वाद का शानदार मेल होता है.

आइसक्रीम को भूल जाइए, जब गर्मी बढ़ती है तो गाढ़ी और क्रीमी कुल्फी और ठंडा फालूदा शहर की पसंदीदा मिठाई बन जाते हैं.

लेकिन कोई भी मिठाई स्थानीय लोगों के दिल पर उतना राज नहीं करती जितनी चमकदार नारंगी इमरती और जलेबी. कुछ लोग तो इसे अपने नाश्ते के साथ खाना भी पसंद करते हैं.

इसके बाद आती है मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी जाने वाली गाढ़ी, मलाईदार लस्सी. यह ताजगी देने के साथ पेट भी भर देती है और शहर घूमने के बाद एकदम परफेक्ट मानी जाती है.

अब सिर्फ प्रसिद्ध कुंभ मेला ही नहीं, बल्कि यह साधारण तला हुआ स्नैक भी प्रयागराज का प्रतिनिधित्व करेगा.

History of Samosa- Swaad Ka Safar | समोसे का इतिहास | जानें ईरान से भारत कैसे पहुंचा समोसा

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Samosa, Prayagraj, Uttar Pradesh Government, One District One Dish Scheme, 2025–26 State Budget, Sharad Tandon, One District One Cuisine, Prayagraj Samosa, Signature Dish Prayagraj, Odoc Uttar Pradesh, Uttar Pradesh Food Initiative, Prayagraj Street Food, Chaat Prayagraj, Local Food Prayagraj, Odop Scheme India, Regional Cuisine Promotion
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com