दुनिया भर में कुछ फूड्स अपनी विषाक्तता के लिए जाने जाते हैं. ये फूड्स यूं तो पोषण तत्वों से भरपूर होते हैं लेकिन इन्हें सही तरीके से न खाया खाए तो शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. कुछ फूड्स जो यूं को शरीर को फायदा पहुंचाते हैं और सुपरफूड माने जाते हैं, लेकिन इनके कुछ हिस्से शरीर में जहर फैला सकते हैं. दुनिया भर में इस तरह के कई फूड्स हैं. आइए दुनियाभर में पाए जाने वाले ऐसे जहरीले फूड्स के बारे में जानते हैं.
दुनिया के सबसे जहरीले फूड्स | 7 Most Dangerous Foods
सेब के बीज
सेब के बीजों में सायनाइड होता है. अच्छी बात यह है कि सेब के बीजों पर एक सुरक्षात्मक परत होती है जो गलती से खा लेने पर सायनाइड को आपके शरीर में जाने से रोकती है, लेकिन सावधान रहना अच्छा है. कम मात्रा में भी, सायनाइड से तेजी से सांस चलना, दौरे पड़ना और शायद मौत भी हो सकती है.
जायफल
बेक्ड चीजों में थोड़ी मात्रा में मिलाने पर जायफल एक अच्छा, नटी स्वाद देता है, लेकिन चम्मच भर कर खाने से यह आपके शरीर के लिए बड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है. यहां तक कि 2 चम्मच भी आपके शरीर के लिए जहरीला हो सकता है क्योंकि इसमें मिरिस्टिसिन नाम का तेल होता है, जिससे मतिभ्रम, नींद आना, चक्कर आना, उलझन और दौरे पड़ सकते हैं.
हरे आलू
आलू की पत्तियों, अंकुरों और जमीन के नीचे के तनों (कंद) में ग्लाइकोएल्कलॉइड नाम का जहरीला पदार्थ होता है. रोशनी के संपर्क में आने, खराब होने या पुराना होने पर ग्लाइकोएल्कलॉइड आलू को हरा बना देते हैं. ज्यादा ग्लाइकोएल्कलॉइड वाले आलू खाने से जी मिचलाना, दस्त, उलझन, सिरदर्द और मौत हो सकती है.
कच्ची राजमा (किडनी बीन्स)
सभी तरह की बीन्स में, कच्ची लाल राजमा में लेक्टिन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है. लेक्टिन एक जहर है जिससे पेट में तेज दर्द हो सकता है, उल्टी हो सकती है या दस्त हो सकते हैं. इन साइड इफेक्ट्स के लिए सिर्फ 4-5 कच्ची राजमा ही काफी हैं, इसलिए खाने से पहले बीन्स को उबाल लेना सबसे अच्छा है.
कड़वे बादाम
दोनों तरह के बादाम, कड़वे और मीठे में एमिग्डालिन नाम का केमिकल कंपाउंड होता है जो साइनाइड में बदल सकता है, लेकिन कड़वे बादाम में इसकी मात्रा सबसे ज्यादा होती है. मीठे बादाम स्नैक के तौर पर खाने के लिए सुरक्षित हैं, लेकिन बिना प्रोसेस किए कड़वे बादाम खाने से पेट में ऐंठन, जी मिचलाना और दस्त हो सकते हैं.
स्टार फ्रूट (कमरख)
अगर आपको किडनी की बीमारी है, तो स्टार फ्रूट को अपनी डाइट से दूर रखना ही बेहतर है. सामान्य किडनी इस मीठे फल में मौजूद टॉक्सिन्स को फिल्टर कर सकती है, लेकिन अगर शरीर का सिस्टम ऐसा नहीं कर पाता, तो टॉक्सिन शरीर में ही रह जाता है और इससे मानसिक उलझन, दौरे पड़ना और मौत भी हो सकती है.
कच्चे काजू
स्टोर में 'कच्चे' (raw) लेबल के साथ मिलने वाले काजू असल में पूरी तरह कच्चे नहीं होते. दुकानों में आने से पहले, उनके छिलके में मौजूद युरुशियोल (urushiol) नाम के टॉक्सिन को हटाने के लिए उन्हें स्टीम किया जाता है. युरुशियोल वही टॉक्सिन है जो पॉइजन आइवी (poison ivy) में पाया जाता है. स्टीम किए हुए काजू खाने से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है और अगर आपकी एलर्जी गंभीर है, तो यह जानलेवा भी हो सकता है.
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