बच्चों को रंग-बिरंगी कचरी, नमकीन और चिप्स जैसी चीजें खूब पसंद आती हैं. बाजार में मिलने वाली लाल, पीली और चमकीली स्नैक्स देखकर अक्सर बच्चे उन्हें खाने की जिद करने लगते हैं. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि इन चमकीले रंगों के पीछे कोई बड़ा खतरा भी छिपा हो सकता है? हाल ही में यूपी के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में फूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया. यहां एक फैक्ट्री में भारी मात्रा में रंगीन कचरी बनाई जा रही थी, जिसमें खतरनाक केमिकल कलर मिलाए जा रहे थे. जांच में खुलासा हुआ कि कचरी को आकर्षक बनाने के लिए कार्मोसिन और सनसेट येलो जैसे रंगों का इस्तेमाल हो रहा था, जिन्हें सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है. यही वजह है कि अब हर माता-पिता के लिए यह जानना जरूरी हो गया है कि बच्चों के लिए खरीदी जाने वाली नमकीन सुरक्षित है या नहीं.
आखिर क्या था पूरा मामला?
फूड सेफ्टी एवं औषधि प्रशासन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मेरठ रोड स्थित एक निर्माण इकाई पर छापा मारा. यहां करीब 12 क्विंटल रंगीन कचरी बरामद हुई. जांच में साफ हुआ कि नमकीन बेहद गंदे माहौल में तैयार की जा रही थी और उसे चमकदार बनाने के लिए प्रतिबंधित रंग मिलाए जा रहे थे. स्वास्थ्य को खतरा देखते हुए पूरी कचरी को मौके पर ही सीज कर दिया गया.
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क्यों खतरनाक हैं ये रंग?
कार्मोसिन (Carmoisine) और सनसेट येलो (Sunset Yellow) जैसे सिंथेटिक फूड कलर कुछ मामलों में एलर्जी, पेट दर्द, स्किन रिएक्शन और बच्चों में हाइपरएक्टिविटी जैसी समस्याओं से जुड़े पाए गए हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि जरूरत से ज्यादा आर्टिफिशियल कलर वाले फूड्स बच्चों की सेहत पर धीरे-धीरे बुरा असर डाल सकते हैं.

कैसे पहचानें मिलावटी या ज्यादा रंग वाली कचरी? | How to Identify Adulterated or Excessively Colored Kachri?
1. जरूरत से ज्यादा चमकीला रंग
अगर कचरी या नमकीन का रंग बहुत ज्यादा लाल, पीला या नारंगी दिख रहा है, तो सतर्क हो जाएं. नेचुरल मसालों से बने स्नैक्स इतने चमकीले नहीं दिखते.
2. हाथ पर रंग छोड़ना
थोड़ी कचरी हाथ में लेकर रगड़ें. अगर हाथों पर रंग लगने लगे, तो समझिए उसमें जरूरत से ज्यादा कलर मिलाया गया हो सकता है.
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3. पानी टेस्ट करें
एक कटोरी पानी में कचरी डालें. अगर पानी तुरंत रंग छोड़ने लगे, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है.
4. बहुत सस्ता प्रोडक्ट
जरूरत से ज्यादा सस्ती नमकीन या बिना ब्रांड वाला खुला सामान खरीदने से बचें. ऐसे प्रोडक्ट्स में क्वालिटी कंट्रोल की कमी हो सकती है.
5. पैकेट पर लेबल जरूर पढ़ें
हमेशा पैक्ड फूड खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट, एफएसएसएआई नंबर और इंग्रेडिएंट्स के बारे में जरूर पढ़ें.
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बच्चों को कैसे रखें सुरक्षित?
बच्चों को रोज बाजार की रंगीन नमकीन खाने की आदत न डालें. कोशिश करें कि घर पर बनी नमकीन, मुरमुरा, चिवड़ा या रोस्टेड स्नैक्स दें. त्योहारों के समय खुली और ज्यादा चमकीली चीजें खरीदने से बचें. साथ ही बच्चों को भी समझाएं कि हर रंगीन चीज स्वादिष्ट और सुरक्षित नहीं होती.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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