Winters Food: सर्दियों में किन चीजों का सेवन शरीर के लिए लाभकारी होता है, इस पर सभी बात करते हैं, लेकिन क्या नहीं खाना, यह कोई नहीं बताता. सर्दियों में अनजाने में हम ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं, जो शरीर को बीमार करने में योगदान देती हैं. आज हम उन 5 खाद्य और पेय पदार्थों के बारे में जानेंगे, जिनके सेवन से सर्दियों में बचना चाहिए.
सर्दियों में क्या नहीं खाना चाहिए
सर्दियों में पाचन धीमा हो जाता है और पाचन अग्नि तेज. मतलब भूख ज्यादा लगती है और उसे पचाने में समय ज्यादा लगता है. हमारा शरीर गर्मी बचाने के लिए महत्वपूर्ण अंगों के रक्त प्रवाह को कम कर देता है, जिससे अंग सामान्य से धीरे काम करने लगते हैं और ऐसा ही पाचन क्रिया के साथ होता है. ऐसे में कुछ खाद्य और पेय पदार्थ नुकसान पहुंचाकर बीमार कर सकते हैं.
दही
पहले नंबर पर आता है दही. सर्दियों में दही खाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि इसकी ठंडी तासीर कफ की वृद्धि करती है और सर्दी, जुकाम, साइनस, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी की समस्या पैदा कर सकती है.
खीरा
दूसरे नंबर पर है खीरा. सर्दियों में खीरे का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि ये पाचन अग्नि को मंद करने का काम करता है, जिससे पेट पर खाना पचने की जगह सड़ने लगता है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जो खांसी का कारण भी बन सकती है.
अंकुरित अनाज
तीसरे नंबर पर आता है अंकुरित अनाज. अंकुरित अनाज कैल्शियम, विटामिन और प्रोटीन से भरे होते हैं, लेकिन उन्हें पचाने में पेट को सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. अंकुरित अनाज को कच्चा या आधा उबालकर खाया जाता है, जिससे पेट में गैस बनने और दर्द की समस्या हो सकती है.
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मीठी चीजें
चौथे नंबर पर हैं ज्यादा मीठी चीजें. सर्दियों में ज्यादा मीठी चीजें खाने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये वात और कफ दोष को बढ़ाने में मदद करती हैं. शीत ऋतु में गुड़ का इस्तेमाल हर खाद्य पदार्थ में किया जाता है. अगर कफ की परेशानी है तो गुड़ से परहेज करना चाहिए.
चाय और कॉफी
पांचवें नंबर पर है चाय और कॉफी का अत्याधिक सेवन. सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए चाय और कॉफी का अत्याधिक सेवन किया जाता है, जो गलत है. सर्दियों में प्राकृतिक रूप से वात दोष की वृद्धि होती है. ऐसे में चाय और कॉफी का सेवन पेट में जलन पैदा कर सकता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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