
मुंबई:
बॉलीवुड की खूबसूरत हसीनाओं में शुमार की जाने वाली अभिनेत्री सायरा बानो को शादी के बाद ज्यादा फिल्में न कर पाने का कोई अफसोस नहीं है और वह अपने पति दिलीप कुमार के साथ बिताए वक्त से काफी खुश हैं।
उनका कहना है कि दिलीप के साथ समय बिताना अन्य चीजों से ज्यादा महत्वपूर्ण है। दिलीप और सायरा में 22 साल का अंतर है, लेकिन 1966 में शादी के बंधन में बंधे इन दोनों की जोड़ी को बॉलीवुड की सफलतम जोड़ी माना जाता है।
सायरा ने एक अनौपचारिक बातचीत में कहा, मुझे शादी के बाद कम फिल्में करने का कोई दुख नहीं है, जो कुछ भी हो, लेकिन दिलीप साहब का साथ होना सबसे महत्वपूर्ण बात थी। जब से दिलीप साहब ने मेरे सामने विवाह का प्रस्ताव रखा तब से जिंदगी अच्छी रही है। वह मेरी जिंदगी में सबसे मजबूत इंसान रहे हैं।
सायरा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 17 साल की उम्र में फिल्म 'जंगली' से की थी। कुछ फिल्में करने के बाद सायरा ने दिलीप से शादी कर ली और दिलीप कुमार की व्यस्तता को देखते हुए खुद को एक पत्नी और गृहणी के रूप में ढाल लिया ताकि वह उनके साथ समय बिता सकें हालांकि उनके करियर के अच्छे दौर को देखते हुए दिलीप उन्हें काम करते देखना चाहते थे।
सायरा ने कहा, दिलीप साहब ने मुझे कभी फिल्म करने से नहीं रोका। एक बार, फिल्म 'शागिर्द' की पहली झलक देखकर वह काफी प्रभावित हुए और उन्होंने मेरे काम न करने के फैसले पर दुख जताया। उनका मानना है कि भले ही शादी के बाद उन्होंने काफी कम फिल्में कीं, लेकिन उनकी फिल्मी यात्रा अच्छी रही।
सायरा ने 'शागिर्द', 'झुक गया आसमान', 'पड़ोसन', 'पूरब और पश्चिम', 'विक्टोरिया नं. 203', 'जमीर' और 'हेरा-फेरी' जैसी सफल फिल्में की।
उनका कहना है कि दिलीप के साथ समय बिताना अन्य चीजों से ज्यादा महत्वपूर्ण है। दिलीप और सायरा में 22 साल का अंतर है, लेकिन 1966 में शादी के बंधन में बंधे इन दोनों की जोड़ी को बॉलीवुड की सफलतम जोड़ी माना जाता है।
सायरा ने एक अनौपचारिक बातचीत में कहा, मुझे शादी के बाद कम फिल्में करने का कोई दुख नहीं है, जो कुछ भी हो, लेकिन दिलीप साहब का साथ होना सबसे महत्वपूर्ण बात थी। जब से दिलीप साहब ने मेरे सामने विवाह का प्रस्ताव रखा तब से जिंदगी अच्छी रही है। वह मेरी जिंदगी में सबसे मजबूत इंसान रहे हैं।
सायरा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 17 साल की उम्र में फिल्म 'जंगली' से की थी। कुछ फिल्में करने के बाद सायरा ने दिलीप से शादी कर ली और दिलीप कुमार की व्यस्तता को देखते हुए खुद को एक पत्नी और गृहणी के रूप में ढाल लिया ताकि वह उनके साथ समय बिता सकें हालांकि उनके करियर के अच्छे दौर को देखते हुए दिलीप उन्हें काम करते देखना चाहते थे।
सायरा ने कहा, दिलीप साहब ने मुझे कभी फिल्म करने से नहीं रोका। एक बार, फिल्म 'शागिर्द' की पहली झलक देखकर वह काफी प्रभावित हुए और उन्होंने मेरे काम न करने के फैसले पर दुख जताया। उनका मानना है कि भले ही शादी के बाद उन्होंने काफी कम फिल्में कीं, लेकिन उनकी फिल्मी यात्रा अच्छी रही।
सायरा ने 'शागिर्द', 'झुक गया आसमान', 'पड़ोसन', 'पूरब और पश्चिम', 'विक्टोरिया नं. 203', 'जमीर' और 'हेरा-फेरी' जैसी सफल फिल्में की।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं