
पलक्कड़ (केरल):
दक्षिण भारत की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका एस जानकी ने पद्म भूषण पुरस्कार स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, क्योंकि उनका मानना है कि उनके साढ़े पांच दशक लंबे करियर में उनके लिए सम्मान बहुत देर से आया है।
उन्होंने ओत्तापल्लम में संवाददाताओं से कहा, मैं पद्म पुरस्कार लेने से इनकार करती हूं.. .मैं पिछले 55 सालों से गा रही हूं। मैं विभिन्न भाषाओं में मेरे प्रशंसकों की तारीफों को सबसे बड़ा पुरस्कार मानती हूं। हालांकि 75-वर्षीय जानकी ने कहा कि उनका सरकार के खिलाफ कोई असंतोष नहीं है।
जानकी ने तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और हिन्दी भाषाओं में 20 हजार से अधिक गीत गाए हैं। उन्होंने कहा, मैंने पिछले 55 सालों में गीत गाए हैं। मैंने कई भाषाओं में कई प्रकार के गीत गाए हैं। सभी ने मेरे गीतों को सराहा। मुझे लोगों की सराहना के अलावा किसकी जरूरत है।
जानकी ने कहा, मुझे सरकार से कोई शिकायत नहीं है। मुझे नहीं लगता कि सरकार ने कुछ गलत किया है। लेकिन मैंने पद्म पुरस्कार लेने से इनकार करने का फैसला किया है। जानकी के बेटे मुरली कृष्ण ने पीटीआई से फोन पर कहा कि उनकी मां को यह सम्मान देने में काफी देर हुई।
उन्होंने ओत्तापल्लम में संवाददाताओं से कहा, मैं पद्म पुरस्कार लेने से इनकार करती हूं.. .मैं पिछले 55 सालों से गा रही हूं। मैं विभिन्न भाषाओं में मेरे प्रशंसकों की तारीफों को सबसे बड़ा पुरस्कार मानती हूं। हालांकि 75-वर्षीय जानकी ने कहा कि उनका सरकार के खिलाफ कोई असंतोष नहीं है।
जानकी ने तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और हिन्दी भाषाओं में 20 हजार से अधिक गीत गाए हैं। उन्होंने कहा, मैंने पिछले 55 सालों में गीत गाए हैं। मैंने कई भाषाओं में कई प्रकार के गीत गाए हैं। सभी ने मेरे गीतों को सराहा। मुझे लोगों की सराहना के अलावा किसकी जरूरत है।
जानकी ने कहा, मुझे सरकार से कोई शिकायत नहीं है। मुझे नहीं लगता कि सरकार ने कुछ गलत किया है। लेकिन मैंने पद्म पुरस्कार लेने से इनकार करने का फैसला किया है। जानकी के बेटे मुरली कृष्ण ने पीटीआई से फोन पर कहा कि उनकी मां को यह सम्मान देने में काफी देर हुई।
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