आज यानी 10 जुलाई, शुक्रवार को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. सनातन धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की उपासना के लिए सबसे शुभ दिनों में से एक माना गया है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा, भक्ति और नियमों के साथ व्रत रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. हालांकि, शास्त्रों के अनुसार केवल व्रत रखना ही पर्याप्त नहीं माना गया है. व्रत का पारण भी निर्धारित समय और विधि से करना जरूरी होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है, जब व्रत का पारण सही मुहूर्त में किया जाए. ऐसे में अगर आपने योगिनी एकादशी का व्रत रखा है, तो आइए जानते हैं योगिनी एकादशी व्रत का पारण किस दिन और किस शुभ मुहूर्त में किया जाएगा, साथ ही जानेंगे पारण की आसान विधि-
किस समय किया जाएगा एकादशी व्रत का पारण?
पंचांग के अनुसार, योगिनी एकादशी व्रत का पारण 11 जुलाई 2026 को किया जाएगा. पारण का शुभ समय दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से शाम 4 बजकर 36 मिनट तक रहेगा. वहीं, जो श्रद्धालु गौण (वैष्णव) एकादशी का व्रत रखते हैं, वे 12 जुलाई 2026 को पारण करेंगे.
कैसे करें एकादशी व्रत का पारण?- पारण वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें.
- इसके बाद भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें.
- पूजा में दीपक जलाएं, भगवान को भोग अर्पित करें और तुलसी दल जरूर चढ़ाएं. धार्मिक मान्यता है कि तुलसी भगवान विष्णु को सबसे प्रिय है, इसलिए बिना तुलसी के उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है.
- पूजा पूरी होने के बाद सबसे पहले जल ग्रहण करके या तुलसी का पत्ता खाकर व्रत का पारण करें.
- इसके बाद हल्का, सात्विक और आसानी से पचने वाला भोजन करें.
धार्मिक मान्यता है कि नियमों के अनुसार व्रत का पारण करने से योगिनी एकादशी का पूरा पुण्य प्राप्त होता है. साथ ही भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है. इसलिए व्रत रखने के साथ-साथ सही समय पर पारण करना भी बेहद जरूरी माना गया है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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