आजकल रत्न इतने महंगे हो गए हैं कि सामान्य व्यक्ति उन्हें खरीद नहीं पाता. ऐसे में शास्त्रों में कुछ वनस्पतियों की जड़ों का भी उल्लेख मिलता है, जिन्हें उचित मुहूर्त, शुभ दिन एवं विधि-विधान से धारण कर ग्रहों की शांति और अनुकूलता के लिए प्रयोग किया जाता है. इन्हें विधि-विधान से धारण करने से ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है और रत्नों जितना ही फायदा प्राप्त होता है. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस ग्रह के लिए आप किस पेड़ की जड़ धारण कर सकते हैं. इसकी जानकारी ज्योतिषाचार्य कौशल पाण्डेय ने NDTV से बातचीत के दौरान दी है.
सूर्य ग्रह
अगर जन्मकुंडली में सूर्य अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो माणिक्य रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है. यदि माणिक्य धारण करना संभव न हो तो बेल (बेलपत्र) की जड़ को लाल या गुलाबी धागे में बांधकर रविवार के दिन धारण करें.
चंद्र ग्रह
चंद्र ग्रह से शुभ फल प्राप्त करने के लिए खिरनी की जड़ को सफेद वस्त्र में लपेटकर सफेद धागे के साथ सोमवार को धारण करें.
मंगल ग्रह
मंगल ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए अनंतमूल अथवा खैर की जड़ को लाल वस्त्र में लपेटकर लाल धागे में बांधकर मंगलवार को धारण करें.
बुध ग्रह
बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए विधारा (आंधी झाड़ा) की जड़ को हरे वस्त्र में लपेटकर हरे धागे के साथ बुधवार को धारण करें.
गुरु ग्रह
यदि गुरु ग्रह अशुभ हो तो केले की जड़ को पीले वस्त्र में बांधकर पीले धागे के साथ गुरुवार को धारण करें.
शुक्र ग्रह
शुक्र ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए गूलर की जड़ को सफेद वस्त्र में लपेटकर सफेद धागे के साथ शुक्रवार को धारण करें.
शनि ग्रह
शनि देव की कृपा प्राप्त करने हेतु शमी की जड़ को नीले वस्त्र में बांधकर नीले धागे के साथ शनिवार को धारण करें.
राहु ग्रह
अगर राहु अशुभ स्थिति में हो तो सफेद चंदन का छोटा टुकड़ा नीले धागे में बांधकर बुधवार के दिन धारण करें.
केतु ग्रह
केतु ग्रह की शांति एवं शुभ फल प्राप्त करने के लिए अश्वगंधा की जड़ को नीले धागे में बांधकर गुरुवार के दिन धारण करें.
जरूरी बात
ऊपर बताई गई जड़ें अधिकतक पूजन सामग्री और ज्योतिषीय सामग्री की दुकानों पर उपलब्ध हो जाती हैं. किसी भी जड़ या रत्न को धारण करने से पूर्व अपनी जन्मकुंडली का योग्य एवं अनुभवी ज्योतिषाचार्य से परीक्षण अवश्य करवा लें, क्योंकि ग्रहों की स्थिति प्रत्येक व्यक्ति के लिए भिन्न होती है.
यह भी पढ़ें: Vastu Tips: कंगाल कर सकता है मुख्य द्वार का गलत रंग, जल्द कर लें ये बदलाव, तभी बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
यह भी पढ़ें: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी 2026 कब है? नोट करें दिन, समय और पूजा का शुभ मुहूर्त
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं