Trees Not To Plant At Home : घर में पेड़-पौधे लगाने से हरियाली बढ़ती है और माहौल भी अच्छा लगता है. लेकिन वास्तु शास्त्र में माना गया है कि हर पेड़ घर के लिए शुभ नहीं होता. कुछ पेड़ों को घर के आंगन या मुख्य द्वार के पास लगाने से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि ऐसे पेड़ घर की सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और तरक्की पर असर डाल सकते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से लोग कुछ खास पेड़ों को मंदिरों, खुले मैदानों या घर से दूर लगाने की सलाह देते आए हैं. आइए जानते हैं ऐसे 5 पेड़ों के बारे में, जिन्हें वास्तु के अनुसार घर में नहीं लगाना चाहिए.
1. पीपल का पेड़
वास्तु शास्त्र के अनुसार पीपल का पेड़ बेहद पवित्र माना जाता है, लेकिन इसे घर के भीतर या मुख्य द्वार के पास लगाने की सलाह नहीं दी जाती. मान्यता है कि यह पेड़ मंदिर या खुले स्थान पर ज्यादा शुभ माना जाता है.

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2. बरगद का पेड़
बरगद भी धार्मिक दृष्टि से पूजनीय है. हालांकि वास्तु में माना गया है कि इसका विशाल आकार और फैलाव घर के आसपास संतुलित ऊर्जा के लिए उचित नहीं माना जाता. इसलिए इसे घर के आंगन में लगाने की सलाह नहीं दी जाती है.
3. इमली का पेड़
वास्तु मान्यताओं के अनुसार इमली का पेड़ घर के अंदर नहीं होना चाहिए. माना जाता है कि इससे घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है और परिवार की शांति प्रभावित हो सकती है.
4. कैक्टस
कैक्टस देखने में आकर्षक जरूर लगता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे घर के मुख्य हिस्से या प्रवेश द्वार के पास रखने से बचने की सलाह दी गई है. इसकी नुकीली बनावट को तनाव और नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है.

5. बोनसाई
छोटे आकार के बोनसाई पेड़ सजावट के लिए पसंद किए जाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में इन्हें घर के लिए शुभ नहीं माना गया है. मान्यता है कि इनका सीमित विकास जीवन में तरक्की और प्रगति के रुकने का प्रतीक माना जाता है.
वास्तु शास्त्र एक ऐसा विषय है जो कई तरह की मान्यताओं पर आधारित है. इन मान्यताओं के समर्थन में आधुनिक विज्ञान कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं देता. वहीं पीपल, बरगद जैसे पेड़ पर्यावरण और जैव विविधता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. अगर इन्हें लगाना हो, तो पर्याप्त खुली जगह चुनना बेहतर माना जाता है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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