उज्जैन : आसमान में एक खूबसूरत खगोलीय घटना होने वाली है. 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा. इसका नाम ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण होगा. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित अक्षत व्यास ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत में ग्रहण के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस ग्रहण का नाम 'ग्रस्तोदित चंद्र गहण' इसलिए पड़ा, क्योंकि जब चंद्रमा उदय होगा, तब वह पहले से ही ग्रहण की स्थिति में होगा. यानी चांद निकलते ही ग्रहण लगा दिखेगा. उन्होंने कहा, चंद्रमा उदय के समय ही ग्रहण में होगा। यह सोमवार की संध्या पर पड़ रहा है, जिस वजह से इसे चूड़ामणि योग भी कहा जाता है. मान्यता है कि चूड़ामणि योग में दान-पुण्य करने से बहुत अधिक पुण्य मिलता है और आध्यात्मिक लाभ होता है.
उन्होंने कहा, 'चंद्र ग्रहण दोपहर 3.20 बजे शुरू होगा, लेकिन उस दौरान चांद आसमान में नहीं होगा. भारत में चंद्रमा शाम करीब 6:26-6:32 बजे उदय होगा और तब से ग्रहण दिखाई देगा और शाम 6:46-6:47 बजे तक खत्म हो जाएगा. यानी भारत में ग्रहण सिर्फ 14-20 मिनट तक ही नजर आएगा.'
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उन्होंने आगे होने वाली संभावनाओं पर भी बात की. उन्होंने कहा, 'अगर चंद्र ग्रहण की बात करें तो फाल्गुन महीने (2 फरवरी से 3 मार्च) में 5 मंगलवार हैं. चंद्र ग्रहण के असर से लोग नाखुश दिख सकते हैं. यह राजनीतिक उथल-पुथल, लड़ाई-झगड़े, सड़क दुर्घटनाएं या समुद्री तूफान जैसी घटनाओं का संकेत दे सकता है.'
उन्होंने आगे बताया कि चंद्रग्रहण का राशियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने कहा, सबसे ज्यादा असर सिंह राशि पर होगा, क्योंकि ग्रहण सिंह राशि में शुरू होगा. कन्या और मकर राशि वाले भी सतर्क रहें. सिंह राशि वालों को विशेष पूजा-पाठ करना चाहिए.सिंह और मकर राशि वालों के लिए उपाय यह है कि ग्रहण के बाद स्नान करें. तांबे के कटोरे में घी भरें, उस पर चांदी का चंद्रमा, सोने का सूरज और नाग रखें. फिर घाट पर जाकर ब्राह्मणों को दान देने का संकल्प लें. इससे दुर्भाग्य से मुक्ति मिल सकती है.'
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं