मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण और भाद्रपद महीने में कई व्यवस्था बदली नजर आएगी. मंदिर में भस्म आरती का समय तो बदलेगा ही, वहीं लाखों श्रद्धांलुओं के आगमन को लेकर कुछ इंतजाम भी किए जाएंगे. इसको लेकर प्रशासन तैयारी मे जुटा हुआ है. आइए जानते हैं सावन-भाद्रपद में मंदिर में आरती की क्या टाइमिंग रहेग. साथ ही श्रद्धालुओं के लिए क्या-क्या व्यवस्था होंगी.
क्या होगी आरती की टाइमिंग?
सावन-भाद्रपद मास में 12 ज्योर्तिलिंग मे से एक महाकाल की भस्म आरती का समय बदला जाता है. इसी के चलते 30 जुलाई से 7 सितम्बर तक मंदिर के कपाट सुबह 3 बजे खुलेंगे और सुबह 5 बजे तक भस्म आरती होगी. वहीं, हर सोमवार को भस्म आरती सुबह 2.30 से 4.30 बजे तक आयोजित की जाएगी. 8 सितम्बर से कपाट खुलने का समय पहले की तरह ही कर दिया जाएगा. बता दे कि आम दिनों में मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे खुलते हैं.
श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
सावन और भाद्रपद मास में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया है. नई व्यवस्था के अनुसार, सामान्य दर्शन करने वाले श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय के पास स्थित मार्ग और नीलकंठ प्रवेश द्वार की ओर से आकर मानसरोवर भवन में प्रवेश कर सकेंगे. श्रद्धालुओं के लिए जल अर्पण की व्यवस्था मंदिर के सभामंडप और कार्तिकेय मंडपम में की गई है. वहीं, शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालु हरसिद्धि चौराहा प्रवेश द्वार से मंदिर में प्रवेश करेंगे और दर्शन के बाद निर्गम द्वार से सीधे बाहर निकल सकेंगे. इसके अलावा, विश्रामधाम मार्ग से भी श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्था रहेगी.

दर्शनार्थियों के जूता स्टेण्ड की व्यवस्था
- त्रिवेणी संग्रहालय के बाहर जूता स्टेण्ड
- श्री महाकाल महालोक प्लाजा के पास जूता स्टेण्ड
- विक्रम टीला के पास जूता स्टेण्ड
- गेट नंबर 01 पर जूता स्टेण्ड
- हरसिद्धि चौराहा के सामने जूता स्टेण्ड
- मानसरोवर भवन के सामने जूता स्टेण्ड
- नीलकण्ठ प्रेवश द्वार जूता स्टेण्ड
पार्किंग की व्यवस्था
- श्री महाकालेश्वर अन्नक्षैत्र के पास वाली खाली जगह
- मेघदूत वन पार्किंग
- निलकंठ पार्किंग
- चारधाम पार्किंग
- कर्कराज पार्किंग
- कार्तिक मेला ग्राउण्ड पार्किंग
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