हिंदू धर्म में स्कन्द षष्ठी का विशेष महत्व माना जाता है. यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित होता है. भगवान कार्तिकेय को स्कन्द, मुरुगन और कुमारस्वामी के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने और भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से भक्तों को सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है. आज यानी 19 जून, शुक्रवार को स्कन्द षष्ठी है. खास बात यह है कि इस बार स्कन्द षष्ठी पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिससे इस व्रत का महत्व और बढ़ गया है.
षष्ठी तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, षष्ठी तिथि 19 जून की शाम 5 बजे से शुरू होकर 20 जून को दोपहर 3 बजकर 47 मिनट तक रहेगी. पूजा-पाठ के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:03 बजे से 4:43 बजे तक रहेगा. इसके अलावा अमृत काल सुबह 8:36 बजे से 10:06 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त 11:54 बजे से 12:50 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2:42 बजे से 3:38 बजे तक रहेगा. इस दिन रवि योग और निशिता मुहूर्त का भी विशेष संयोग बन रहा है.
ऐसे करें भगवान कार्तिकेय की पूजा- स्कन्द षष्ठी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें.
- इसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.
- दीपक जलाकर उन्हें चंदन, अक्षत, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें.
- पूजा के दौरान भगवान कार्तिकेय के मंत्रों का जप करें और स्कन्द षष्ठी व्रत कथा का पाठ या श्रवण करें.
- दिनभर श्रद्धा के साथ व्रत रखें और शाम को भगवान की आरती करें.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कार्तिकेय की उपासना करने से व्यक्ति के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. यह व्रत शत्रु बाधा, भय और नकारात्मकता को दूर करने वाला माना जाता है. इसलिए भक्त पूरे विश्वास और भक्ति के साथ इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं.
भगवान कार्तिकेय की आरतीजय जय आरती
जय जय आरती वेणु गोपाला
वेणु गोपाला वेणु लोला
पाप विदुरा नवनीत चोरा
जय जय आरती वेंकटरमणा
वेंकटरमणा संकटहरणा
सीता राम राधे श्याम
जय जय आरती गौरी मनोहर
गौरी मनोहर भवानी शंकर
साम्ब सदाशिव उमा महेश्वर
जय जय आरती राज राजेश्वरि
राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि
महा सरस्वती महा लक्ष्मी
महा काली महा लक्ष्मी
जय जय आरती आन्जनेय
आन्जनेय हनुमन्ता
जय जय आरति दत्तात्रेय
दत्तात्रेय त्रिमुर्ति अवतार
जय जय आरती सिद्धि विनायक
सिद्धि विनायक श्री गणेश
जय जय आरती सुब्रह्मण्य
सुब्रह्मण्य कार्तिकेय
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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