21 जून का दिन सिर्फ खगोलीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय नजरिये से भी बेहद खास माना जाता है. इस दिन साल का सबसे लंबा दिन होता है और सूर्य की विशेष स्थिति के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है. ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित के अनुसार, 21 जून को सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर सीधी पड़ती हैं, जिसके कारण दिन की अवधि लगभग 14 घंटे तक पहुंच जाती है.
क्यों खास है 21 जून का दिन?
ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित बताते हैं, 21 जून को सूर्य अपनी विशेष स्थिति में होते हैं. इस दिन सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी के उस हिस्से पर पड़ती हैं जहां कर्क रेखा गुजरती है. इसके कारण दिन सबसे लंबा और रात छोटी होती है. दोपहर के समय सूर्य लगभग सिर के ऊपर होता है, इस दौरान थोड़े समय के लिए परछाई भी दिखाई नहीं देती है. इस दिन के बाद धीरे-धीरे दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं.
दक्षिणायन की शुरुआत का संकेतधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस खगोलीय घटना के बाद सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन की ओर बढ़ने लगते हैं. हिंदू धर्म में दक्षिणायन का विशेष महत्व माना गया है. इस समय किए गए दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है.
इस दिन क्या करें?ज्योतिषाचार्य के अनुसार 21 जून के दिन कुछ धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है.
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.
- तांबे के लोटे में जल, रोली, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें.
- जरूरतमंद लोगों को तिल, छाता, जूते-चप्पल आदि का दान करें.
- पितरों का स्मरण और पूजन करें.
- भगवान सूर्य की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना करें.
धार्मिक दृष्टि से कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है.
- तामसिक भोजन का सेवन न करें.
- प्याज और लहसुन खाने से बचें.
- किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति का अपमान न करें.
- क्रोध और कटु वाणी से दूर रहें.
- वाणी पर संयम रखें और सकारात्मक व्यवहार करें.
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