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प्रद्युम्न चतुर्थी आज: इस विधि से करें गणपति बप्पा की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और गणेश जी के मंत्र

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रद्युम्न चतुर्थी पर भगवान गणेश की आराधना करने से विघ्नहर्ता अपने भक्तों की मनोकामनाएं सुनते हैं और उनके जीवन से नकारात्मकता तथा बाधाओं को दूर करते हैं. आइए जानते हैं आज किस विधि से करें गणेश जी की पूजा-

प्रद्युम्न चतुर्थी आज: इस विधि से करें गणपति बप्पा की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और गणेश जी के मंत्र
प्रद्युम्न चतुर्थी 2026: आज करें गणेश आराधना, सुख-समृद्धि और सफलता का मिलेगा आशीर्वाद
(P.C- NDTV)

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है. किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति बप्पा की पूजा के बिना अधूरी मानी जाती है. इसी कारण चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है. जून महीने में आने वाली चतुर्थी को प्रद्युम्न चतुर्थी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और व्यक्ति को सुख, शांति तथा सफलता का आशीर्वाद मिलता है.

वैदिक पंचांग के अनुसार, प्रद्युम्न चतुर्थी तिथि का आरंभ 17 जून की रात 9 बजकर 38 मिनट पर हुआ और इसका समापन 18 जून को शाम 6 बजकर 58 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के आधार पर प्रद्युम्न चतुर्थी का व्रत और पूजा आज यानी 18 जून, गुरुवार को की जाएगी.

इस विधि से करें गणेश जी की पूजा

  • प्रद्युम्न चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें. 
  • इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करके गंगाजल से शुद्ध करें. 
  • भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और दीपक तथा धूप जलाएं.
  • पूजा के दौरान गणेश जी को रोली, चंदन, अक्षत और लाल रंग के फूल अर्पित करें. 
  • इसके बाद गणेश मंत्र, गणेश स्तोत्र या गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें. 
  • भगवान गणेश को मोदक और लड्डू अत्यंत प्रिय हैं. इसलिए पूजा के समय इनका भोग अवश्य लगाएं. 
  • पूजा पूर्ण होने के बाद गणेश जी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि, सफलता तथा मंगलमय जीवन की कामना करें. 
  • अंत में प्रसाद का वितरण करें और जरूरतमंद लोगों को दान भी दें.
गणेश जी की पूजा का शुभ मुहूर्त

आज सुबह 11 बजकर 34 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा. धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ, खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है. इसके अलावा आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 33 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. किसी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अभिजीत मुहूर्त को भी अच्छा माना जाता है.

गणेश मूल मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः

गणेश श्लोक 

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

गणेश गायत्री मंत्र 

ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्।

गणेश जी की आरती 

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एकदन्त, दयावन्त, चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे, मूषक की सवारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डूवन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शम्भु सुतवारी।
कामना को पूरा करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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लेखक के बारे में
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गुरुत्व राजपूत
सब एडिटर
गुरुत्व राजपूत, वर्तमान में एनडीटीवी में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और यूटिलिटी, आस्था और जरा हटके से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. गुरुत्व पिछले... और पढ़ें
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