आज सावन शिवरात्रि है. ऐसे में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं. सावन का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय माना जाता है. खासकर सावन मास में आने वाली शिवरात्रि का सनातन धर्म में विशेष और अलौकिक महत्व माना गया है. मान्यता है कि सावन शिवरात्रि के दिन महादेव की पूजा करने, शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाने तथा बेलपत्र अर्पित करने से भक्तों को भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है. वहीं, पूजा-पाठ के बाद आरती का भी विशेष महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, आरती के बिना पूजा को पूर्ण नहीं माना जाता. ऐसे में आप भगवान शिव की पूजा करने के बाद उनकी आरती जरूर करें. यहां पढ़ें भगवान शिव की संपूर्ण आरती-
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा.
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा
एकानन चतुरानन पंचानन राजे,
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे,
त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी,
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी.
ॐ जय शिव ओंकारा
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा
कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूल धर्ता,
जगकर्ता जगभर्ता जग संहारकर्ता॥
ॐ जय शिव ओंकारा
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका,
प्रणवाक्षर में शोभित यह त्रिवेद का टीका॥
ॐ जय शिव ओंकारा
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा.
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
यह भी पढ़ें- Sawan Shivratri LIVE: सावन शिवरात्रि आज, जानें जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत के नियम और उपाय
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं