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सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पर क्या-क्या चढ़ाएं? ज्योतिषाचार्य से जानें कैसे करें जलाभिषेक

सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा और शिवलिंग के जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन शिवरात्रि पर सच्ची श्रद्धा से महादेव की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं. आइए ज्योतिषाचार्य से जानते हैं आज शिवलिंग पर क्या-क्या चढ़ाएं और कैसे करें जलाभिषेक-

सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पर क्या-क्या चढ़ाएं? ज्योतिषाचार्य से जानें कैसे करें जलाभिषेक
Sawan Shivratri: जानें जलाभिषेक की सही विधि
(Photo Credit: NDTV)

आज सावन शिवरात्रि है. मान्यता है कि इस दिन महादेव की सच्चे मन से पूजा करने और शिवलिंग का अभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं. सावन शिवरात्रि के दिन सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ दिखाई देती है. श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयकारों के साथ शिवलिंग पर जल और दूसरी पूजा सामग्री अर्पित करते हैं. ऐसे में आइए ज्योतिषाचार्य से जानते हैं जलाभिषेक की विधि, साथ ही जानेंगे शिवरात्रि पर शिवलिंग पर क्या-क्या चढ़ाना चाहिए- 

सबसे पहले करें जलाभिषेक

ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित के अनुसार, सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा की शुरुआत साफ जल चढ़ाने से करनी चाहिए. इसके बाद गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है. जल और गंगाजल अर्पित करते समय भक्तों को भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए और अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रार्थना करनी चाहिए.

कैसे चढ़ाएं जल?

सबसे पहले जलाधारी की सीधी ओर स्थित भगवान गणेश को जल अर्पित करें. इसके बाद बाईं ओर विराजमान भगवान कार्तिकेय को जल चढ़ाएं. फिर बीच में माता सुंदरी और सर्प पर जल अर्पित करें. इसके बाद पूरे शिवलिंग पर गोल-गोल घुमाते हुए श्रद्धा और भक्ति के साथ जल चढ़ाएं.

पंचामृत से करें भगवान शिव का अभिषेक

जलाभिषेक के बाद शिवलिंग पर पंचामृत अर्पित किया जाता है. इसके लिए कच्चे दूध, दही, घी और शक्कर को मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है. इसे श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर चढ़ाएं. इसके बाद साफ जल से दोबारा अभिषेक करें.

बेलपत्र चढ़ाते समय रखें ध्यान

ज्योतिषाचार्य आगे बताते हैं, शिव पूजा में बेलपत्र का विशेष स्थान माना गया है. सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पर छोटे और साफ बेलपत्र चढ़ाएं. बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि वह टूटा या खंडित न हो.

बेलपत्र के बाद भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, आक और सफेद चंदन भी चढ़ाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं में इन चीजों को भगवान शिव की पूजा से जोड़ा गया है. 

ज्योतिषाचार्य कहते हैं, सावन शिवरात्रि पर भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं. मान्यता है कि महादेव अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होते हैं. इसलिए पूजा में दिखावे से ज्यादा श्रद्धा, विश्वास और मन की पवित्रता को महत्व देना चाहिए.

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