Raksha Bandhan 2022: रक्षा बंधन पर भद्रा काल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. रक्षा बंधन कुछ लोग 11 को मना रहे हैं तो कुछ 12 अगस्त को मनाएंगे. बहरहाल रक्षा बंधन जब कभी भी मनाया जाता है तो भद्रा काल का ध्यान जरूर रखा जाता है. इस बार राखी बांधने को लोकर लोग बहुत परेशान हैं कि पूर्णिमा तिथि कब तक रहोगी. अगर पूर्णिमा में भद्र लग गई तो क्या उस दौरान राखी बांधना शुभ रहेगा. शास्त्रों में भद्रा काल को अशुभ माना गया है. कहा जाता है कि इस दौरान राखी नहीं बांधनी चाहिए. इस बार सावन पूर्णिमा तिथि के साथ ही भद्रा लगेगी जो रात 8 बजकर 53 मिनट पर खत्म हो जाएगी. आइए जानते हैं कि भद्र के बारे में.
भद्रा का महत्व | importance of bhadra
हिंदू धर्म में रक्षा बंधन पर्व का खास महत्व है. हालांकि इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा का साया है. ज्योतिष शास्त्र में भद्रा काल को शुभ नहीं माना जाता है. भद्रा काल में ना तो राखी बांधी जाती है और ना ही पूजा-पाठ, नए काम, गृह प्रवेश, मुंडन आदि शुभ कार्य किए जाते हैं. कहा जाता है कि भद्रा काल में किए गए शुभ काम भी अशुभ फल देते हैं, इसलिए भद्रा काल से बचना ही बेहतर माना गया है.
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राखी 11 या 12 अगस्त को चाहते हैं बांधना तो जानें दोनों दिन के शुभ मुहूर्त
शनि देव की बहन है भद्रा | Bhadra is the sister of Shani Dev
भद्रा सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया की पुत्री हैं. इसके साथ ही ये शनि देव की बहन भी मानी जाती हैं. जिस तरह शनि देव का स्वभाव सख्त और जल्द नाराज होने वाले हैं, वैसे ही उनकी बहन भद्रा भी बहुत सख्त स्वभाव की मानी जाती हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार भद्रा बेहद कुरूप हैं और बचपन से ही वे ऋषि-मुनियों के यज्ञ-अनुष्ठानों में बाधाएं डालने का काम करने लगी थीं. तब सूर्य देव ने चिंतित होकर ब्रह्मा जी से सलाह मांगी. कहा जाता है कि ब्रह्मा जी ने भद्रा की उद्दंडता को काबू करने के लिए पंचांग के एक प्रमुख अंग विष्टी कारण में जगह दे दी. साथ ही कहा कि अब जो भी तुम्हारे समय में कोई शुभ काम करे तो तुम उस काम में विध्न डालना. तब से ही भद्रा काल में कोई शुभ काम नहीं किया जाता है.
भद्रा काल में नहीं बांधी जाती है राखी | Rakhi is not tied during Bhadra period
गृह प्रवेश, नए काम की शुरुआत करना, पूजा-अनुष्ठान, मुंडन-जनेऊ संस्कार आदि के अलावा भद्रा काल में राखी बांधने पर भी रोक है. दरअसल रावण की बहन ने उसे भद्रा काल में राखी बांधी थी और फिर उसके एक साल के अंदर ही भगवान राम ने रावण का वध कर दिया था. इसलिए भद्रा काल में राखी भी नहीं बांधी जाती है. इस साल 11 अगस्त 2022 को रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल रहेगा. इसलिए कई लोग 12 अगस्त की सुबह रक्षाबंधन मनाएंगे.
Raksha Bandhan History: रक्षा बंधन का त्योहार कैसे शुरू हुआ, यहां जानें 5 कारण
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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