हिंदू धर्म में पूर्णिमा का खास महत्व माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. साथ ही चंद्रमा को जल चढ़ाने की भी परंपरा है. मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने, जरूरतमंदों को दान करने और सच्ची श्रद्धा से श्रीहरि-माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. भाद्रपद पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है, ऐसे में इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है. आइए जानते हैं भाद्रपद पूर्णिमा कब है, साथ ही जानेंगे इस दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा-
भाद्रपद पूर्णिमा कब है?
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा की तिथि 25 सितंबर, शुक्रवार की रात 11 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी. इसका समापन 26 सितंबर, शनिवार की रात 10 बजकर 18 मिनट पर होगा. ऐसे में क्योंकि 26 सितंबर को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि रहेगी, इसलिए भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर को मान्य रहेगी.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
26 सितंबर को सुबह 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 36 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा. अभिजीत मुहूर्त को पूजा-पाठ और अन्य कामों के लिए सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है. आप इस समय स्नान-दान कर सकते हैं. इससे अलग दोपहर 1 बजकर 17 मिनट के बाद वृद्धि योग शुरू होगा.
चंद्रोदय का समयपूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा को अर्घ्य देने का भी विशेष महत्व माना जाता है. 26 सितंबर को शाम लगभग 6 बजकर 9 मिनट पर चंद्रोदय होगा. भाद्रपद पूर्णिमा के दिन का चांद पूरे साल का सबसे महत्वपूर्ण चांद माना जाता है. चंद्र दर्शन के बाद तांबे या चांदी के लोटे में शुद्ध जल लें और उसमें कच्चा दूध, अक्षत, सफेद फूल और मिश्री डालें. इस जल से चंद्रमा को अर्घ्य देते हुए परिवार की सुख, शांति और मंगल की कामना करें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं