Panchak Ke Niyam: हिंदू मान्यता है कि यदि किसी काम को शुभ घड़ी या फिर कहें शुभ समय में शुरू किया जाए तो उसके सफल होने की संभावना बढ़ जाती है, जबकि अशुभ घड़ी में प्रारंभ किया गये कार्य में तमाम तरह की अड़चनें और असफलता मिलने की आशंका बनी रहती है. ज्योतिष में जिस पंचक को भी कुछ ऐसा ही अशुभ समय माना गया है, उसकी आज 16 मार्च 2026 को शुरुआत होने जा रही है. पांच दिनों तक लगने वाले इस पंचक का क्या महत्व है? यह कब खत्म होगा और क्या हैं पंचक के 5 जरूरी नियम, आइए इसे विस्तार से जानते हैं.
कब से कब तक है पंचक
हिंदू धर्म में जिस पंचक के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं, वह आज 16 मार्च 2026, सोमवार की शाम को 06:14 बजे प्रारंभ होकर 21 मार्च 2026, शनिवार को पूर्वाह्न 02:27 बजे समाप्त होगा.
पंचक में न करें ये पांच काम

- हिंदू मान्यता के अनुसार जिस पंचक को बेहद अशुभ समय माना जाता है, उसमें दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करने की मनाही है. ऐसे में व्यक्ति को इन पांच दिनों तक इस दिशा में जाने से बचना चाहिए.
- व्यक्ति को पंचक के दौरान अपने घर में पलंग को खोलने या बांधने या फिर बुनने से बचना चाहिए.
- पंचक के दौरान मकान की छत को नहीं ढलवाना चाहिए क्योंकि इसे ज्योतिष में बड़ा दोष माना गया है.
- हिंदू मान्यता के अनुसार पंचक के दौरान घर में पेंटिंग का काम नहीं प्रारंभ करना चाहिए, लेकिन यदि पहले से प्रारंभ है तो उसे लगातार जारी रख सकते हैं.
- पंचक के दौरान व्यक्ति को मार्केट, खेत-खलिहान या फिर जंगल आदि से लकड़ी खरीदकर घर में नहीं लानी चाहिए.
पंचक में करें ये पांच उपाय

- सनातन परंपरा में किसी भी ग्रह अथवा समय विशेष में दोष से बचने के लिए पूजा, दान आदि से जुड़े उपाय बताए गये हैं. आइए जानते हैं कि पंचम के अशुभ फल से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए -
- - हिंदू मान्यता के अनुसार यदि परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु पंचक के दौरान हो जाए तो उसके अंतिम संस्कार से पहले आटे या कुश के 5 पुतले बनाकर उनका विधि-विधान से संस्कार करना चाहिए. मान्यता है कि इस उपाय को करने से पंचक का दोष समाप्त हो जाता है.
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- - हिंदू मान्यता के अनुसार पंचक के दौरान भगवान शिव और उनके रुद्रावतार माने जाने वाले हनुमान जी की साधना-आराधना अशुभ फलों से बचाने वाली है. ऐसे में व्यक्ति को इन पांच दिनों में इन दोनों देवताओं की पूजा और इनके मंत्रों का जाप अधिक से अधिक करनी चाहिए.
- - सनातन परंपरा में पूजा से जुड़े तमाम तरह के उपायों में दान की विशेष महत्ता है. ऐसे में व्यक्ति को पंचक के दोष से बचने के लिए जरूरतमंद व्यक्ति को अपने सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या तिल आदि का दान करना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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