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विवाह में देरी से हैं परेशान? पंडित ने बताया ऐसे करें शिव-पार्वती से जुड़े ये खास उपाय, बनेंगे शादी के योग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह में देरी या बार-बार रिश्ते टूटने के पीछे ग्रहों की स्थिति जिम्मेदार हो सकती है. कुंडली का सही विश्लेषण और कुछ पारंपरिक उपाय विवाह संबंधी बाधाएं दूर करने में लाभकारी माने जाते हैं.

विवाह में देरी से हैं परेशान? पंडित ने बताया ऐसे करें शिव-पार्वती से जुड़े ये खास उपाय, बनेंगे शादी के योग
विवाह के लिए ज्योतिषीय उपाय
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सनातन परंपरा और ज्योतिष शास्त्र में विवाह को जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक माना गया है. लेकिन कई बार योग्य वर या वधू मिलने के बावजूद विवाह में देरी होने लगती है या बार-बार रिश्ते बनकर टूट जाते हैं.पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, इसके पीछे जन्मकुंडली में मौजूद कुछ ग्रह योग और दोष जिम्मेदार हो सकते हैं. ऐसे में कुंडली का सही विश्लेषण कर उचित उपाय अपनाने से विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाता है. उन्होंने बताया कि विवाह योग, सप्तम भाव पर ग्रहों की स्थिति को समझ कर कई महत्वपूर्ण उपाय किए जा सकते हैं, जो वैवाहिक जीवन के लिए शुभ माने जाते हैं.

उन्होंने बताया कि वट विवाह या कुंभ विवाह एक प्रतीकात्मक विवाह होता है. इस उपाय से धारणा की जाती है कि जातक या जातिका का प्रथम विवाह संपन्न हो गया और विवाह में रुकावट का खतरा टल गया. यह विवाह आवश्यकता और स्थानीय परंपरा के अनुसार वट, तुलसी, विष्णु जी की मूर्ति आदि के साथ किया जाता है. विवाह के पश्चात घट और विष्णु जी की मूर्ति को जल में विसर्जित कर दिया जाता है. दक्षिण भारत में लड़कियों का विवाह केले के तने के साथ भी किया जाता है. वर-वधू में से यदि एक मंगली है और दूसरा पक्ष नहीं है तो भी इस विवाह की जरूरत पड़ती है. ऐसे जातकों को जन्मकुंडली के आधार पर मूंगा और पुखराज को धारण करना चाहिए. दोनों ही आपके लिए लाभप्रद और शुभप्रद साबित होंगे. इसके अलावा, सावित्री व्रत और मंगला गौरी व्रत भी ऐसे जातकों के लिए लाभकारी साबित होगा.

शिव मंदिर में 108 लड्डू चढ़ाए

पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, कन्या के विवाह में यदि लगातार देरी हो रही हो और योग्य वर नहीं मिल रहा हो, तो यह टोटका शीघ्र फलदायक होता है. बृहस्पतिवार को सुबह के समय स्नानादि के पश्चात कन्या बेसन के 108 लड्डू स्वयं बनाए और पीले रंग की टोकरी में पीला कपड़ा बिछाकर लड्डुओं को उसमें रखे. अपनी श्रद्धा अनुसार कुछ दक्षिणा भी चढ़ाए. इस टोकरी को नजदीक के शिव मंदिर में चढ़ाकर आ जाए. चढ़ाते समय अपना विवाह शीघ्र होने की प्रार्थना भगवान शिव के सम्मुख करे. मनोकामना शीघ्र पूर्ण होगी.

16 सोमवार का रखना चाहिए व्रत

कौशल पांडेय ने बताया कि विवाह में देरी दूर करने के लिए कन्या को 16 सोमवार को व्रत करना चाहिए. उस दिन शिव मंदिर में जाकर जलाभिषेक करके मां पार्वती का श्रृंगार करना चाहिए. अपने विवाह शीघ्र होने की प्रार्थना करते हुए कन्या को शिव-पार्वती के मध्य गठजोड़ भी बांधना चाहिए. अगर विवाह में किसी प्रकार का विलंब हो रहा है तो शुक्रवार को भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करना चाहिए. ॐ नमः शिवाय का जप करते हुए शिवलिंग पर 100 फूल और 108 बेलपत्र भी चढ़ाए. यदि बेलपत्र कम उपलब्ध हो, तो इनकी न्यूनतम संख्या 21 अवश्य होनी चाहिए. सात शुक्रवार लगातार यह प्रयोग करने से मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी. इसके अलावा, विवाह योग्य लड़के या लड़की को गुरुवार के दिन एक खुला हुआ पुराना ताला लेकर अपने सिर से सात बार उलटा उतार कर किसी चैराहे पर शाम के समय सड़क पर छोड़ देना चाहिए. इससे शीघ्र विवाह तय होता है.

विवाह योग्य लड़के या लड़की को धारण करने चाहिए पीले वस्त्र

पंडित के अनुसार, विवाह योग्य लड़के या लड़की को पीले वस्त्र धारण करना चाहिए. यदि पीले वस्त्र धारण करना संभव न हो तो एक पीला रेशमी रूमाल हमेशा अपने पास रखना चाहिए. यदि विवाह के प्रस्ताव आने के बाद भी विवाह निश्चित नहीं हो पा रहा हो तो विवाह समाचार के लिए आने वाले मेहमानों को ड्राइंग रूम में इस तरह से बैठाए. जिससे उनका मुंह ड्राइंग रूम के अंदर हो, दरवाजे की तरफ न हो. इससे रिश्ता शीघ्र तय होता है. यदि विवाह निश्चित होकर सगाई टूट जाती हो तो विवाह तय करते वक्त लड़के या लड़की के माता-पिता को अपने जूते या चप्पल उतार कर बैठना चाहिए.

मेहंदी लगाना होगा लाभदायक

विवाह योग्य लड़के या लड़की को जब भी किसी विवाहोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो तो लड़के या लड़की को लगाई जाने वाली मेंहदी अपने हाथों पर अवश्य लगायें, लाभदायक होगा. जो भी टोटका अथवा मंत्र पाठ आप को रूचिकर लगे और आपकी समझ में भली-भांति आ जाए, उसे पूर्ण श्रद्धा व भक्ति के साथ अपनाएं. विधि पूर्वक करें और अपने जीवन को सफल तथा आनंदमय बनाएं.

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