
Things do not offer to Lord Shiva: भगवान शिव की पूजा के लिए फाल्गुन माह अत्यंत शुभ समय माना जाता है. इस माह के कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी तिथि को महादेव की पूजा अर्चना के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रत महाशिवरात्रि रखा जाता है. इस वर्ष 27 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत (Kab hai Mahashivratri ) रखा जाएगा. धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि महादेव और माता पार्वती के विवाह की तिथि है. महाशिवरात्रि को शिव भक्त व्रत रखकर विधि विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं. देश भर के शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि बेहद धूमधाम से मनाई जाती है और बड़ी संख्या में लोग प्रभु के दर्शन करने मंदिर पहुंचते हैं. महाशिवरात्रि की पूजा (Mahashivratri Ki Puja) में भक्त शिवलिंग पर भगवान शिव की प्रिय चीजें बेलपत्र, भांग, धतुरा, सफेद रंग के फूल चढ़ाते हैं और जलाभिषेक करते हैं. हालांकि कुछ चीजें शिवलिंग पर चढ़ाना वर्जित मानी गई हैं. इन चीजों को भूलकर भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए. (Shivling Par Kya Na Chadaye) इससे भगवान शिव के नाराज होने का भय होता है. आइए जानते हैं शिवलिंग पर क्या चढ़ाना माना जाता है वर्जित.
फाल्गुन अमावस्या को पितरों का तर्पण करते समय करना चाहिए इन स्रोतों का पाठ, पितृदोष से मिलेगी मुक्तिशिवलिंग पर ये चीजें चढ़ाना है वर्जित (Things do not offer to Lord Shiva)
हल्दी
हिंदू धर्म में हल्दी को शुभ माना जाता है. हर शुभ कार्य में हल्दी का उपायोग किया जाता है. हल्दी को पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. भले ही हर शुभ कार्य में हल्दी का उपयोग किया जाता है लेकिन शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाने की मनाही है. शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग को पुरुषत्च का प्रतीक माना जाता है इसलिए शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाना वर्जित है.
तुलसी
तुलसी के पत्तों का भी हिंदू धर्म में बहुत महत्व है. पूजा पाठ में तुलसी का उपयोग होता है लेकिन तुलसी के पत्ते भूलकर भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाने चाहिए. मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने तुलसी के पति राक्षस जालंधर का वध किया था. इसके अलावा तुलसी को माता लक्ष्मी को रूप माना जाता है. इसलिए तुलसी के पत्ते कभी भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाए जाते हैं.

नारियल
शिवलिंग पर नारियल चढ़ाना भी वर्जित है. नारियल जिसे श्रीफल भी कहते हैं धन की देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है. इसीलिए नारियल को भगवान शिव की पूजा करते समय शिवलिंग पर चढ़ाने की मनाही होती है.
टूटे चावल
भगवान शिव की पूजा करते समय भूलकर भी अक्षत के रूप से टूटे चावल का उपयोग नहीं करना चाहिए. इससे भगवान शिव नाराज हो सकते हैं. शिवलिंग के लिए हमेशा अक्षत चावल का ही उपयोग करना चाहिए.
केतकी के फूल
भगवान शिव की पूजा करते समय भूलकर केतकी के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए. पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव केतकी के फूल की झूठी गवाही के कारण पसंद नहीं करते हैं और शिवलिंग पर केतकी के फूल चढ़ाने की मनाही होती है.
रोली और कुमकुम
हिंदू धर्म में पूजा करते समय देवी देवताओं को रोली और कुमकुम से तिलक लगाया जाता है लेकिन शिवलिंग पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाने की मनाही होती है. शास्त्रों के अनुसा भगवान शिव धरती पर योग मुद्रा में विराजते हैं और इस मुद्रा में होने के कारण उन्हें रोली और कुमकुम अर्पित नहीं करना चाहिए.
लाल रंग के फूल
लाल रंग को उग्रता का रंग माना जाता है और भगवान शिव भोले भंडारी कहलाते हैं इसलिए भगवान शिव को लाल रंग के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए. यही कारण है कि शिवलिंग पर लाल रंग के फूलों को चढ़ाने की मनाही होती है. शिवलिंग पर भगवान शिव के प्रिय रंग सफेद रंग के फूल चढ़ाने चाहिए. और भगवान शिव भोले भंडारी कहलाते हैं इसलिए भगवान शिव को लाल रंग के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए. यही कारण है कि शिवलिंग पर लाल रंग के फूलों को चढ़ाने की मनाही होती है. शिवलिंग पर भगवान शिव के प्रिय रंग सफेद रंग के फूल चढ़ाने चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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