शुरू हो चुकी है भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा, इस मौके पर जानिए पुरी श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट से कैसे बदलेगा तीर्थ यात्रियों का अनुभव

Jagannath Rath Yatra: बलराम दाऊ, बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर सवार होकर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो चुकी है. इस रथ यात्रा के दर्शन के लिए हर साल ओडिशा में भारी मात्रा में भक्त पहुंचते हैं.

शुरू हो चुकी है भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा, इस मौके पर जानिए पुरी श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट से कैसे बदलेगा तीर्थ यात्रियों का अनुभव

Jagannath Rath Yatra 2022: शुरू हो चुकी है जगन्नाथ रथ यात्रा.

Jagannath Rath Yatra: बलराम दाऊ, बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर सवार होकर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो चुकी है. इस रथ यात्रा के दर्शन के लिए हर साल ओडिशा में भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. भक्तों के लिए ये भगवान से सीधे संवाद करने का एक अवसर माना जाता है. जब खुद जगन्नाथ अपने भक्तों से मिलने अपना महल छोड़कर आते हैं. इस मौके पर भक्तों की भीड़ को कोई परेशानी ना हो इसलिए ओडिशा (Odisha) सरकार ने शुरू किया है श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट (Shri Mandir Parikrama Project). बूढ़े, बच्चे और महिलाओं को भीड़ में कोई तकलीफ ना हो, ना ही भक्तों को भगदड़ मचने का डर सताए, इसी उद्देश्य के साथ ये प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहा है.

क्या हैं श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट की खासियतें

भक्तों को ज्यादा जगह मिल सके इसलिए मंदिर के आसपास 75 मीटर के घेरे का पूरा स्थान खाली करवा दिया गया है. इसमें मेघनाद दीवार यानी बाहरी दीवार भी शामिल है. मंदिर की इस बाहरी दीवार से सटे सारे निर्माण कार्य हटा दिए गए हैं और इस क्षेत्र को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया है.

इन हिस्सों को बफर जोन, मंदिर परिक्रमा जोन, लेंडस्केप जोन, बाहरी परिक्रमा जोन और जनसुविधा जोन नाम दिया गया है. इसमें से जनसुविधा जोन में ऐसा हिस्सा भी बनवाया जा रहा है जहां कई तरह की सुविधाएं मौजूद होंगी. इसे मॉडल के तौर पर तैयार किया जाएगा. एक बार उसके सफल होने पर बाकी क्षेत्रों तक भी उसी तरह की सुविधा द पहुंचाई जाएंगी.

इन सुविधाओं के तहत भक्तों के लिए आराम करने की जगह, शौचाल्य, पीने के पानी की व्यवस्था और साथ ही सामान रखने के लिए भी कमरा होगा. यहां सिक्योरिटी रूम भी होगा. 

भक्तों की प्रतिक्रिया

फिलहाल श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट का काम शुरु ही हुआ है. लेकिन, भक्तों के सकारात्मक फीडबैक आने शुरू हो गए हैं. मंदिर के आसपास खुलापन देखकर उनके दिलों से भगदड़ मचने का डर खत्म हो गया है. रेस्टरूम और टॉयलेट्स की व्यवस्था से भी भक्तों को सहूलियत मिली है. उम्मीद की जा रही है कि प्रोजेक्ट पूरा होते-होते भक्तों के लिए भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल होना और आसान हो जाएगा. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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