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Chandra Grahan 2026: खत्म हुआ चंद्र ग्रहण, शुरू हुआ रंगों का त्योहार, जानिए क्या करें

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद होली खेलने से पहले कुछ धार्मिक और शुद्धिकरण नियमों का पालन करना जरूरी है. आइए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद आपको क्या-क्या करना चाहिए?

Chandra Grahan 2026: खत्म हुआ चंद्र ग्रहण, शुरू हुआ रंगों का त्योहार, जानिए क्या करें
चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें
file photo

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण समाप्त हो चुका है और अब भारत में होली का त्योहार, जिसे धुलेंडी भी कहा जाता है, पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण एक आध्यात्मिक और खगोलीय घटना होती है, इसलिए इस दौरान और उसके बाद घर और शरीर की शुद्धि करना शुभ माना जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद होली खेलने से पहले कुछ धार्मिक और शुद्धिकरण नियमों का पालन करना जरूरी है. आइए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद आपको क्या-क्या करना चाहिए?

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पूरे घर का शुद्धिकरण

ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव माना जाता है. इसलिए होली खेलने से पहले घर की पूरी सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें. खास कर के रसोई और मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए. इसके साथ ही ग्रहण के दौरान खुले रखे गए भोजन और पानी को हटा दें या फिर उन्हें पहले से ही ढक कर रखें.

स्नान और नए वस्त्र

धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के तुरंत बाद स्नान करना जरूरी होता है. स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल या काले तिल मिलाकर स्नान करें।. इसके बाद ही नए और साफ वस्त्र पहनकर होली का त्योहार मनाएं. इससे ग्रहण का सूतक समाप्त हो जाता है और शरीर और मन दोनों ही शुद्ध हो जाते हैं.

इष्टदेव को प्रथम गुलाल

होली खेलने से पहले अपने घर के मंदिर की सफाई करें. भगवान की मूर्तियों को स्नान कराएं, उन्हें साफ वस्त्र पहनाएं और सबसे पहले सफेद या लाल गुलाल उनके चरणों में अर्पित करें. इससे भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है और होली का उत्सव आनंदमय बना रहेगा.

दान-पुण्य करें

इसके साथ ही ग्रहण के बाद दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ये दान 100 गुना अधिक फलदायी होता है. होली खेलने से पहले सफेद वस्तुएं जैसे चावल, दूध, चीनी या सफेद वस्त्र किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को दान करें. ऐसा करने से राहु-केतु के दोष कम होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है.

पितरों का तर्पण और बुजुर्गों का आशीर्वाद जरूर लें

होली के दिन पूर्वजों को याद को भी याद किया जाता है. स्नान करने के बाद पितरों के नाम से जल अर्पित करें और घर के बुजुर्गों के पैरों पर गुलाल लगाकर उनका आशीर्वाद लें. कहा जाता है कि इससे ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव खत्म होता है और परिवार पर नकारात्मक ऊर्जा का असर नहीं होता हैं.

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