उज्जैन का प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर इन दिनों लगातार चर्चा में है. खड़े हनुमान मंदिर को लेकर कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं. एक तरफ जहां भक्तों का दावा है कि प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद हनुमान जी वहां से टस से मस नहीं हुए. मंदिर को हटाने की कार्रवाई मामले में श्रद्धालुओं की भीड़ वहां बढ़ती जा रही है.
इसी बीच मंदिर के पास अचानक कुछ लंगूर भी पहुंच गए हैं. श्रद्धालुओं के मुताबिक, लंगूरों की टोली कुछ देर तक मंदिर के आसपास शांत भाव से बैठी रही और फिर इधर-उधर घूमती नजर आई. यह दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए. कई श्रद्धालुओं ने इसे साधारण घटना मानने के बजाय आस्था से जोड़ते हुए 'हनुमान जी की कृपा' और 'दैवी संकेत' बताया. अब सोशल मीडिया पर भी इस घटना के वीडियो और फोटो वायरल हो रगे हैं.
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क्यों खास माने जाते हैं लंगूर?
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, लंगूर और बंदरों को भगवान हनुमान का रूप माना जाता है. वहां मौजूद को जब किसी मंदिर, खासकर हनुमान मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में लंगूर दिखाई देते हैं, तो कई श्रद्धालु इसे शुभ संकेत मानते हैं. उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर में भी ऐसा ही देखने को मिला, जहां लोगों ने लंगूरों की मौजूदगी को आस्था की नजर से देखा. हालांकि, मंदिर के पास लंगूरों के पहुंचने को लेकर किसी तरह का दावा प्रशासन की ओर से नहीं किया गया है.
क्या है मामला
उज्जैन में प्रशासन की ओर से मार्गों को व्यवस्थित और साफ करने की मुहिम चल रही है. इसी प्रक्रिया के दौरान करीब 170 वर्ष पुराने मंदिर की प्रतिमा रास्ते में आने के बाद उसे हटाने का प्रयास किया गया. प्रशासन के प्रयास के बावजूद प्रतिमा को हटाया या हिलाया नहीं जा सका. हालांकि, मंदिर के आसपास का ज्यादातर हिस्सा करीब एक सप्ताह से तोड़ा जा चुका है.
हनुमानजी की प्रतिमा फिलहाल टेंट में विराजमान है. प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है. बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है. सुबह से शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है.
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