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Hanuman Aarti: 'आरती कीजै हनुमान लला की' का क्या है महत्व? आज मंगलवार को जरूर जानें ये बातें

Arti ki Jai Hanuman Lala ki: मंगलवार को हनुमान जी की आरती का विशेष महत्व माना जाता है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि ‘आरती कीजै हनुमान लला की’ श्रद्धा से करने पर मन को शांति मिलती है. साथ ही भक्त को सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है.

Hanuman Aarti: 'आरती कीजै हनुमान लला की' का क्या है महत्व? आज मंगलवार को जरूर जानें ये बातें
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मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की पूजा के लिए विशेष माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु हनुमान मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और हनुमान चालीसा के साथ आरती भी करते हैं. 'आरती कीजै हनुमान लला की' हनुमान जी की प्रमुख आरतियों में से एक मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान जी की आरती करने से मन को शांति मिलती है और भक्त को सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि मंगलवार को आरती करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है.

आरती का क्या है धार्मिक महत्व (Hanuman Aarti )

आचार्य मदन मोहन ने बताया कि आरती पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. दीपक की लौ को भगवान के सामने घुमाने का भाव यह है कि भक्त अपने जीवन का प्रकाश ईश्वर को समर्पित करता है. हनुमान जी की आरती करते समय मन में श्रद्धा और विश्वास रखना सबसे जरूरी माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि आरती के दौरान हनुमान जी का ध्यान करने से भक्त का मन भय और नकारात्मक विचारों से दूर होता है.

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श्री हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi)

आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

जाके बल से गिरिवर कांपे।
रोग दोष जाके निकट न झांके।।

अंजनि पुत्र महाबलदायी।
संतान के प्रभु सदा सहाई।।

दे बीरा रघुनाथ पठाए।
लंका जारी सिया सुध लाए।।

लंका सो कोट समुद्र सी खाई।
जात पवनसुत बार न लाई।।

लंका जारी असुर संहारे।
सियारामजी के काज संवारे।।

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।
आणि संजीवन प्राण उबारे।।

पैठी पताल तोरि जमकारे।
अहिरावण की भुजा उखाड़े।।

बाएं भुजा असुर दल मारे।
दाहिने भुजा संतजन तारे।।

सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे।
जै जै जै हनुमान उचारे।।

कंचन थार कपूर लौ छाई।
आरती करत अंजना माई।।

लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई।
तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।।

जो हनुमानजी की आरती गावै।
बसी बैकुंठ परमपद पावै।।

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मंगलवार को क्यों खास है हनुमान पूजा

सनातन परंपरा में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना जाता है. इस दिन भक्त हनुमान मंदिर में जाकर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और बूंदी या गुड़-चना जैसी चीजों का भोग लगाते हैं. इसके बााद हनुमान चालीसा और आरती का पाठ किया जाता है. मान्यता है कि ऐसाा करने से बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है.

आरती करते समय रखें इन बातों का ध्यान

आचार्य मदन मोहन ने बताया कि आरती जल्दबाजी में नहीं करनी चाहिए. पूजा स्थल को साफ रखने के साथ दीपक ठीक तरीके से जलाएं और आरती के दौरान मन को शांत रखें. आरती के बाद भगवान को प्रणााम करके अपनी मनोकामना प्रार्थना के रूप में रख सकते हैं. सबसे जरूरी बात यह है कि पूजा में दिखावे के बजाय सच्ची श्रद्धा और भक्ति का भाव होना चाहिए.

आरती के बाद क्या करें

धार्मिक मान्यता के अनुसार, आरती पूरी होने के बाद भक्त को दोनों हाथों से आरती की लौ की ऊष्मा लेकर माथे से लगानी चाहिए और हनुमान जी को प्रणाम करनाा चाहिए. इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया जा सकता है. मान्यता है कि मंगलवार को नियमित रूप से श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा और आरती करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और संकटों का सामनाा करने की शक्ति मिलती है.

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