
हिंदू धर्म में गुरु प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. आज मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है. आज गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat) है. हर माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है. एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में. माना जाता है कि प्रदोष व्रत पर विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-उपासना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. प्रदोष व्रत जहां विशेष रूप से भगवान शिव के पूजन को समर्पित होता है, तो वहीं गुरुवार के दिन भगवान श्री हरि विष्णु के बृहस्पति स्वरूप का पूजन किया जाता है. इस साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत गुरु प्रदोष का संयोग हैं, जो कि 16 दिसंबर, दिन गुरुवार को पड़ रहा है.

मान्यता है कि गुरु प्रदोष के दिन भगवान शिव (Guru Pradosh Vrat 2021) का पूजन करने से गुरू दोष (Guru Dosh) से भी मुक्ति मिलती है. गुरुप्रदोष व्रत के दिन पूजन में हरिहर आरती का पाठ जरूर करना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने भगवान शिव और श्री हरि विष्णु दोनों का आशीर्वाद मिलता है और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.
पढ़ें - Pradosh Vrat 2022: साल 2022 कब-कब पड़ेंगे प्रदोष व्रत, यहां देखिए पूरी लिस्ट
भगवान हरिहर की आरती | Aarti Of Lord Harihar
आरती करो हरिहर की करो नटवर की ,
भोले शंकर की
आरती करो शंकर की |
सिर पर शशि का मुकुट संवारे,
तारों की पायल झनकारे
धरती अम्बर डोले तांडव
लीला से नटवर की
आरती करो शंकर की |
फन का हार पहनने वाले ,
शम्भू है जग के रखवाले |
सकल चराचर अगजग नाचे,
ऊंगली पर विषधर की |
आरती करो शंकर की ……

महादेव जय जय शिवशंकर,
जय गंगाधर जय डमरूधर |
हे देवो के देव मिटाओ,
विपदा घर घर की |
आरती करो शंकर की……..
आरती करो हरिहर की करो नटवर की ,
भोले शंकर की आरती करो शंकर की |
जय भोलेनाथ
हर हर महादेव …
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
Asanas for Lungs, Breathing Problem | 5 योगासन जो फेफड़े बनाएंगे मजबूत
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं