ज्योतिष शास्त्र में भाग्य और ज्ञान के कारक गुरु ग्रह का गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. वर्तमान में गुरु धीमी गति से चलते हुए अपनी उच्च राशि कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं. अभी गुरु पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित हैं, लेकिन जल्द ही वे अपना नक्षत्र परिवर्तन करेंगे. ज्योतिष गणना के अनुसार 18 जून, 2026 की रात 9:32 बजे गुरु शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र में गोचर करेंगे और 18 अगस्त तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे.
गुरु नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तिथि, वार, नक्षत्र, योग आदि के संयोग से शुभ या अशुभ योगों का निर्माण होता है. यदि शुभ मुहूर्तों में शुभ कार्य किए जाएं तो वे सफल होते हैं. इसके विपरीत अशुभ योगों में किए गए कार्य असफल होते हैं और उनका फल भी अशुभ होता है. इन शुभ और अशुभ योगों का निर्माण ग्रहों के गोचरीय प्रभाव से भी होता है. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि गुरु नक्षत्र परिवर्तन किन राशियों के जातकों के लिए शुभ रहेगा. इसकी जानकारी पंडित कौशल पाण्डेय ने NDTV से बातचीत के दौरान दी है.
1. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन अत्यंत शुभ माना जा रहा है. गुरु के प्रभाव से आप अपने ज्ञान से अपने कार्य और व्यापर क्षेत्र में बढ़ोत्तरी कर स्थिर लाभ कमाने का अवसर बना सकते है. विद्यार्थियों के लिए यह समय विशेष रूप से फलदायी है इस समय ब्रह्म मुहूर्त में पढाई करे आप ज्ञान की सकारात्मक ऊर्जा से भरे रहेंगे.
2. कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों के लिए शनि के पुष्य नक्षत्र में गुरु का गोचर बेहद लाभदायक सिद्ध होगा. आपका मन धार्मिक गतिविधियों में अधिक लगेगा. लव लाइफ सुखद रहेगी, लोगों के साथ मेल-जोल बढ़ाने में आप सक्षम होंगे. नौकरीपेशा लोगों की पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. प्रमोशन के नए द्वार खुल सकते हैं.
3. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा. आपको परिवार के सदस्यों का पूर्ण सहयोग मिलेगा. आप आत्मविश्वास से भरपूर महसूस करेंगे. मित्रों की भरपूर सहायता मिलेगी. इस दौरान कोई शुभसमाचार मिल सकता है. हालांकि, अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है.
गुरु को और शुभ बनाने के लिए करें यह उपाय
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः इस मंत्र का प्रतिदिन 108 जाप करें.
मंदिर या पूजा के स्थान में झंडा लगाए.
गौशाला में चारा दान करें और गऊ की सेवा करें.
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