देशभर में भगवान हनुमान के कई प्राचीन मंदिर हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का गिरजाबंध हनुमान मंदिर अपनी अनोखी मान्यता के लिए खास है. रतनपुर के इस मंदिर में बजरंगबली की प्रतिमा पुरुष रूप में नहीं, बल्कि देवी स्वरूप में विराजमान मानी जाती है. यहां भक्त हनुमान का महिलाओं की तरह 16 श्रृंगार भी करते हैं.
देवी स्वरूप में है हनुमान की प्रतिमा
जानकारी के अनुसार, रतनपुर के गिरजाबंध में स्थित इस मंदिर की प्रतिमा अपने आाप में अनोखी बताई जाती है. इस मंदिर की ऐसी मान्यता है कि यहां हनुमान देवी स्वरूप में विराजमान हैं. प्रतिमा के कंधे पर भगवान श्रीराम और माता सीता के स्वरूप भी दिखाई देते हैं.
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राजा पृथ्वीदेव जू से जुड़ी है कहानी
बता दें कि स्थानीय मान्यताओं के मुताबिक सूर्यवंशी राजा पृथ्वीदेव जू भगवान हनुमान के भक्त थे. एक समय राजा गंभीर रूप से बीमार पड़ गए, उनकी हालत काफी खराब थी. कहा जाताा है कि इसी दौरान हनुमान जी ने उन्हें सपने में दर्शन दिए और मंदिर बनवाने का आादेश दिया.
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महामाया कुंड से मिली थी प्रतिमा
आगे बता दें कि मंदिर बनने के बाद प्रतिमा को लेकर राजा असमंजस में थे. ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी ने दोबारा स्वप्न में दर्शन देकर महामाया कुंड से प्रतिमा निकालने का आादेश दिया. कुंड से मिली प्रतिमा को देखकर राजा और दरबारी हैरान रह गए. प्रतिमा देवी स्वरूप में थी.
16 श्रृंगार से होती है पूजा
इस मंदिर की ऐसी मान्यता है कि राजा ने इसी प्रतिमा को मंदिर में स्थापित करााया. इसके बाद उनकी बीमारी भी ठीक हो गई. आज भक्त यहां हनुमान के देवी स्वरूप का विशेष श्रृंगार करते हैं. 16 श्रृंगार अर्पित कर विधि-विधान से पूजाा की जाती है. यही वजह है कि गिरजाबंध मंदिर देश के अनोखे हनुमान मंदिरों में गिना जाता है.
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