विज्ञापन

Ganesh Chaturthi 2026: गणपति की पूजा में तुलसी क्यों नहीं चढ़ाई जाती? जानें पौराणिक कथा

Ganesh Chaturthi 2026 Puja Timings: गणेश जी की पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित माना जाता है. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने इसके पीछे जुड़ी पौराणिक कथा और श्राप की मान्यता बताई है.

Ganesh Chaturthi 2026: गणपति की पूजा में तुलसी क्यों नहीं चढ़ाई जाती? जानें पौराणिक कथा
गणपति की पूजा में तुलसी चढ़ाना क्यों है मना
ndtv

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से गणेश उत्सव की शुरुआत होती है. इस दिन घरों और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है. गणपति को मोदक, लड्डू, लाल फूल और दूर्वा चढ़ाने की परंपरा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गणेश जी की पूजा में तुलसी के पत्ते चढ़ाना वर्जित माना गया है. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, इसके पीछे एक पौराणिक कथा और श्राप की मान्यता जुड़ी है.

2026 में कब मनाई जाएगी गणेश चतुर्थी

ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, 2026 में चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह 7:06 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर की सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी. भगवान गणेश का प्राकट्य मध्याह्न काल में माना जाता है, इसलिए 14 सितंबर को ही गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी और इसी दिन गणपति स्थापना की जाएगी.

गणेश जी से विवाह करना चाहती थीं तुलसी

पंडित कौशल पांडेय बताते हैं कि पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान गणेश नदी किनारे ध्यान में लीन थे. उसी दौरान वहां से देवी तुलसी गुजरीं. गणेश जी के तेजस्वी स्वरूप को देखकर वह उनसे प्रभावित हो गईं और विवाह की इच्छा जताई. गणेश जी ने खुद को ब्रह्मचारी बताते हुए विवाह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया. इससे तुलसी नाराज हो गईं और उन्होंने गणेश जी को श्राप दिया कि उनकी इच्छा के विरुद्ध उनके दो विवााह होंगे.

ये भी देखें- घर बैठे करें बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन

ये भी देखें- Ganesh Ji Ki Aarti: क्यों खास है 'जय गणेश जय गणेश देवा', जानें आरती का महत्व और सही समय

गणेश जी ने भी दिया तुलसी को श्राप

कौशल पांडेय ने बताया कि तुलसी के श्राप से क्रोधित होकर गणेश जी ने भी उन्हें श्राप दिया कि उनका विवाह एक असुर से होगा. बाद में तुलसी को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने गणेश जी से क्षमाा मांगी.

इसी वजह से पूजा में तुलसी है वर्जित

पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, गणेश जी ने तुलसी को वरदान दिया कि वह भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की प्रिय होंगी और कलयुग में मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाएंगी. हालांकि, गणेश जी की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित रहेगाा. इसलिए गणपति पूजा में तुलसी की जगह हरी दूर्वा चढ़ाने की परंपरा है.

ये भी देखें- Ganesh Chaturthi 2026: 14 या 15 सितंबर कब है गणेश चतुर्थी? जानें सही तारीख, तिथि, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ganesh Chaturthi 2026, Ganesh Chaturthi 2026 Date, Ganesh Chaturthi 2026 Date In India Calendar, Ganesh Chaturthi 2026 Famous Temples, Ganesh Chaturthi 2026 Muhurat
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com