गणेश चतुर्थी हो या रोज की पूजा, भगवान गणेश की आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. 'जय गणेश जय गणेश देवा' गणपति बप्पा की सबसे लोकप्रिय आरतियों में से एक है. ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ गणेश जी की आरती करने से घर का वातावरण सकारात्मक और भक्त का मन शांत रहता है. गणेश चतुर्थी के मौके पर इस आरती को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखने को मिलता है.
'जय गणेश जय गणेश देवा' में क्या है खास
जानकारी के अनुसार, इस आरती में भगवान गणेश के स्वरूप और उनकी महिमा का वर्णन किया गया है. इसमें उन्हें माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र के रूप में नमन किया गया है. 'एकदंत दयावंत, चार भुजा धारी' जैसे शब्द गणेश जी के स्वरूप का वर्णन करते हैं.

गणपति बप्पा को क्या चढ़ाएं
आरती के दौरान गणेश जी को फूल, दूर्वा, सिंदूर और मिठाई अर्पित करने की परंपरा है. लड्डू भगवान गणेश को विशेष प्रिय माने जाते हैं. पूजा में श्रद्धा और साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए.
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आरती करने से क्या होता है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणेश जी की आरती करने से विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है. आरती के दौरान भक्त भगवान से अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थनाा भी करते हैं. हालांकि, इन धार्मिक मान्यताओं को आस्था के नजरिए से ही देखनाा चाहिए.
सुबह-शाम कर सकते हैं आरती
गणेश जी की आरती सुबह पूजा के समय और शाम को भी की जा सकती है. गणेश चतुर्थी के दिन विशेष पूजा के बााद परिवार के साथ आरती करने की परंपरा है. आरती के दौरान दीप जलाकर भगवान गणेश का ध्याान करें और अंत में प्रसाद बांटें.
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