आज 25 जुलाई, शनिवार को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. ये व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन के दुख दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. लेकिन केवल व्रत रखना ही काफी नहीं माना जाता. व्रत का पूरा फल तभी मिलता है, जब उसका पारण सही समय पर और सही तरीके से किया जाए. ऐसे में आइए जानते हैं देवशयनी एकादशी व्रत का पारण कब और कितने बजे किया जाएगा-
देवशयनी एकादशी का पारण कब किया जाएगा?
पंचांग के अनुसार, व्रत का पारण 26 जुलाई, रविवार को किया जाएगा. पारण का शुभ समय सुबह 6 बजकर 16 मिनट से सुबह 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. द्वादशी तिथि सुबह 10 बजकर 27 मिनट तक रहेगी. इसलिए व्रत का पारण इस समय से पहले कर लेना चाहिए. मान्यता है कि द्वादशी तिथि में ही व्रत खोलने से उसका पूरा पुण्य मिलता है.
कैसे करें देवशयनी एकादशी व्रत का पारण- पारण वाले दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करके साफ कपड़े पहनें.
- इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें श्रद्धा से तुलसी दल अर्पित करें. धार्मिक मान्यता है कि तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है, इसलिए पूजा में तुलसी जरूर चढ़ानी चाहिए.
- पूजा पूरी होने के बाद सबसे पहले जल पीकर या तुलसी का पत्ता खाकर व्रत खोलें.
- इसके बाद हल्का और सात्विक भोजन करें. भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए उनका आशीर्वाद लें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें.
धार्मिक मान्यता है कि जो लोग श्रद्धा से एकादशी का व्रत रखते हैं और सही समय पर व्रत का पारण करते हैं, उन्हें भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है. ऐसे में व्रत के साथ-साथ पारण के समय और विधि का भी पूरा ध्यान रखें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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