Maa Skandmata Aarti in Hindi: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) का पांचवा दिन (Chaitra Navratri 2025 Day 5) मां स्कंदमाता (Maa Skandmata) को समर्पित है. स्कंदमाता देवी दुर्गा का पंचम स्वरूप हैं. मां का ये रूप बहुत सुंदर है. इनके मुख पर तेज है और वर्ण गौर है. इसलिए स्कंदमाता को देवी गौरी और पार्वती भी कहा जाता है. स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं, जिसमें दाहिनी तरफ की ऊपर वाली भुजा में भगवान स्कंद गोद में हैं और नीचे वाली भुजा में कमल पुष्प है. वहीं, बाईं तरफ की ऊपरी भुजा वरमुद्रा में है और नीचे वाली भुजा में कमल है. मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता की उपासना से भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है. उनकी कृपा से संतान संबंधी कष्ट दूर होते हैं और परिवार में खुशहाली आती है.
चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा के बाद उनकी आरती गाने का नियम है. मां की आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. ऐसे में पूजा के बाद आप यहां से पढ़कर स्कंदमाता की आरती गा सकते हैं.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
मां स्कंदमाता की आरती (Maa Skandmata Ki Aarti Lyrics)
जय तेरी हो स्कंद माता।
पांचवां नाम तुम्हारा आता॥
सबके मन की जानन हारी।
जग जननी सबकी महतारी॥
तेरी जोत जलाता रहू मैं।
हरदम तुझे ध्याता रहू मै॥
कई नामों से तुझे पुकारा।
मुझे एक है तेरा सहारा॥
कही पहाडो पर है डेरा।
कई शहरों में तेरा बसेरा॥
हर मंदिर में तेरे नजारे।
गुण गाए तेरे भक्त प्यारे॥
भक्ति अपनी मुझे दिला दो।
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो॥
इंद्र आदि देवता मिल सारे।
करे पुकार तुम्हारे द्वारे॥
दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए।
तू ही खंडा हाथ उठाए॥
दासों को सदा बचाने आयी।
भक्त की आस पुजाने आयी॥
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।
ध्यान मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं