10 Famous Vishnu Temples in India: सनातन परंपरा में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) में से एक भगवान विष्णु की पूजा का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. हिंदू धर्म में उन्हें सारी सृष्टि का पालनहार माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु सारे जगत का कल्याण करने वाले देवता हैं और जब कभी भी पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है तो उसकी रक्षा के लिए वे विशेष अवतार लेते हैं. सारे जगत के नाथ कहलाने वाले भगवान विष्णु को कोई उनके अवतार प्रभु श्री राम और कृष्ण के रूप में तो कोई बद्रीनाथ और जगन्नाथ के रूप में पूजता है.
हिंदू धर्म में भगवान विष्णु की पूजा का धार्मिक महत्व कुछ इस तरह से समझा जा सकता है कि पूर से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक उनके जगह-जगह पर पावन धाम बने हुए हैं. आइए आज श्री हरि यानि भगवान विष्णु के उन 10 प्रसिद्ध और बड़े धाम के बारे में विस्तार से जानते हैं, जहां पर उनके भक्तों का हर समय भारी भीड़ जुटी रहती है.
1. बद्रीनाथ मंदिर

देश के प्रसिद्ध मंदिरों में सबसे पहले बात करते हैं भगवान बद्रीनाथ की जो हिंदू धर्म से जुड़े चार प्रमुख धाम में से एक है. भारत ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के भी चार प्रमुख धाम में से एक बद्री विशाल का यह धाम चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है. दुनिया भर के हिंदू भक्तों के लिए यह मंदिर साल के छह महीने खुलता और छह महीने तक बर्फबारी के कारण बंद रहता है. इस मंदिर में शालिग्राम शिला से बनी भगवान ब्रदी विशाल की ध्यानमुद्रा वाली मूर्ति है, जिसे कभी आदि शंकराचार्य ने अपने योगबल से ढूढ़कर मंदिर में पुन: विधि-विधान से स्थापित करवाया था. भगवान ब्रदीनाथ के मंदिर में पूजा के लिए पुजारी केरल से आते हैं.
2. जगन्नाथ मंदिर

भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए भगवान बद्रीनाथ की तरह भगवान जगन्नाथ का धाम भी अत्यंत ही सिद्ध स्थान माना गया है. उड़ीसा की प्राचीन नगरी पुरी में स्थित यह मंदिर भी हिंदू धर्म के चार प्रमुख धामों से एक है. समुद्र के किनाने बने इस पावन धाम पर भगवान विष्णु के पूर्णावतार यानि भगवान श्री कृष्ण, अपने भाई बलभद्र और अपनी बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं. यहां हर साल आषाढ़ मास के शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि पर विशाल रथ यात्रा का आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं.
3. राम मंदिर

सप्तपुरियों में एक उत्तर प्रदेश की अयोध्या नगरी में भगवान श्री राम का पावन धाम है. भगवान विष्णु के अवतार प्रभु श्री राम का यह भव्य मंदिर उनके जन्म स्थान पर सदियों बाद दोबारा बनाया गया है. यही कारण है दुनिया भर के राम भक्त प्रतिदिन यहां पर दर्शन के लिए पहुंचते हैं. नागर शैली में बने श्री राम मंदिर की वास्तुकला देखते ही बनती है. मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्री राम के बाल स्वरूप यानि श्री रामलला विराजमान हैं. यहां पर भगवान राम के अलावा माता सीता, उनके सभी भाईयों के साथ अन्य देवी देवताओं के भी दर्शन होते हैं. तीन मंजिला इस मंदिर की खासियत है कि इसे बनाने में कहीं भी लोहे का प्रयोग नहीं किया गया है.
4. द्वारिकाधीश मंदिर
गुजरात के द्वारा में स्थित भगवान द्वारकाधीश मंदिर भी सनातन परंपरा से जुड़े चार धाम में से एक है. तकरीबन 2000 साल पुराने इस मंदिर में भगवान श्री विष्णु के अवतार श्री कृष्ण विराजमान हैं. समुद्र तट पर स्थित द्वारकाधीश का यह पांच मंजिला भव्य मंदिर चालुक्य शैली का है. मान्यता है कि इस भव्य मंदिर का निर्माण भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ ने करवाया था.
5. पद्मनाभस्वामी मंदिर

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित भगवान पद्मनाभ स्वामी का मंदिर श्री हरि के भक्तों का बड़ा धाम माना जाता है. इसे दुनिया का सबसे अमीर हिंदू मंदिर माना जाता है. मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना कलयुग के पहले दिन हुई थी. इस मंदिर में भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन मुद्रा में विराजमान हैं. इस मंदिर को त्रावणकोर के राजा मार्तण्ड ने 17वीं शताब्दी में में दोबारा बनवाया था. यह मंदिर विशाल रत्नों के भंडार के लिए जाना जाता है.
6. रंगानाथ स्वामी मंदिर
दक्षिण भारत के प्रसिद्ध विष्णु मंदिरों में से एक भगवान रंगनाथ स्वामी के पावन धाम को भू-लोक का बैकुंठ कहा जाता है. यह मंदिर तिरुचिरापल्ली शहर के श्रीरंगम में स्थित है. मान्यता है कि रंगनाथ स्वामी मंदिर को स्वयं ब्रह्मा जी ने गौतम ऋषि के कहने पर बनाया था. लोकमान्यता यह भी है कि प्रभु श्री राम ने लंका से लौटते समय इसी स्थान पर पूजा की थी. भगवान विष्णु का यह मंदिर खूबसूरत मूर्तियों और अद्भुत नक्काशी के लिए जाना जाता है.
7. तिरुपति बालाजी मंदिर

भगवान विष्णु के प्रसिद्ध और अकूत संपत्ति के वाले विष्णु मंदिरों में तिरुपति बालाजी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है. यह मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है. भगवान विष्णु के भक्त जिस देवता को तिरुपति बालाजी के रूप में पूजते हैं उनका असली नाम श्री वेंकटेश्वर स्वामी है. तिरुपति बाला जी का धाम तिरूमाला पहाड़ी पर स्थित है, जहां पर दर्शन के लिए प्रतिदिन लाखों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार तिरुपति बालाजी के दरबार में जाने वाला कोई भी भक्त कभी भी खाली हाथ नहीं लौटत है.
8. बांके बिहारी मंदिर

भगवान विष्णु के तमाम अवतारों में से एक बांके बिहारी का मंदिर उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित है. भगवान बांके बिहारी का मंदिर श्री हरि के भक्तों का प्रसिद्ध पावन धाम है, जहां उनकी सिर्फ एक झलक देखने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. जन्माष्टमी के पर्व पर यहां पर भक्तों की भारी भीड़ पहुंचती है. कृष्ण और राधा का संयुक्त स्वरूप माने जाने वाले भगवान बांके बिहारी के चरण दर्शन साल भर में सिर्फ एक बार होते हैं.
9. श्रीनाथ जी मंदिर
भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप वाला प्रसिद्ध श्रीनाथ मंदिर राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में स्थित है. यहां भगवान श्री कृष्ण को सात साल के बालक के रूप में पूजा जाता है. भगवान श्रीनाथ की मूर्ति के बारे में मान्यता है कि उसे किसी मूर्तिकार ने नहीं बनाया है बल्कि वह स्वयं गोवर्धन पर्वत से प्रकट हुई थी, जिसे चौदहवीं शताब्दी में महाप्रभु वल्लभाचार्य जी ने स्थापित करके यहां उनकी सेवा प्रारंभ की थी. यहां भक्तों को पूरे दिन श्रीनाथजी के आठ विशेष दर्शन होते हैं.
10. विट्ठल रुक्मिणी मंदिर

भगवान विष्णु से जुड़ा प्रसिद्धविट्ठल रुक्मिणी मंदिर महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पंढरपुर में चंद्रभागा नदी के तट पर स्थित है. यहां श्री हरि के भक्तगण भगवान विष्णु को 'विठोबा' और माता लक्ष्मी को 'रुक्मिणी' के रूप में पूजते हैं. मंदिर में भगवान विट्ठल की प्रतिमा उनके नाम के अनुरूप श्याम रंग की है, जिसमें वे अपने कमर पर दोनों रखे हुए नजर आते हैं. विट्ठल रुक्मिणी मंदिर को वारकरी संप्रदाय का सबसे प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है.
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