पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में शनिवार को वोट डालने के लिए बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटर पहुंचे। दिल्ली में हर आठ में से एक मतदाता मुस्लिम है और 2015 के विधानसभा चुनावों में उनका वोट कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी नतीजों पर असर डालेगा। इस इलाके में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मुस्लिम वोटों को लेकर कांटे की टक्कर है और मुकाबला दिलचस्प है।
यह महत्वपूर्ण है कि चांदनी चौक में इस बार मुस्लिम वोटरों की राय साफ बंटी हुई है। दरअसल मुस्लिम वोटरों का बंटवारा कई मायने में दिल्ली के चुनावी नतीजों पर इस बार सीधे असर डालेगा। दिल्ली की करीब 12 फीसदी आबादी मुस्लिम है और यहां मुस्लिम प्रभाव वाले इलाके आठ विधानसभा क्षेत्रों में 35 से 60 फीसदी तक मुस्लिम मतदाता हैं। इनमें मटिया महल, बल्लीमारान, ओखला, मुस्तफाबाद, सीलमपुर, चांदनी चौक, किराड़ी और बाबरपुर सीटें शामिल हैं।
2013 के विधानसभा चुनावों में इन आठ मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस को पांच और 'आप' को एक सीट मिली थी, लेकिन इस बार मुस्लिम वोट के लिए राजनीतिक लड़ाई बड़ी है और काफी हद तक यह तय करेगी कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का प्रदर्शन इस बार पिछली बार के मुकाबले कैसा रहता है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पुरानी दिल्ली के इस इलाके में चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में लंबा रोड शो किया था। यह इलाका कांग्रेस का गढ़ माना जाता है और यहां कांग्रेस ने अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए जी-तोड़ कोशिश की है। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के 15 साल के कार्यकाल के दौरान इस इलाके में विकास की कमी को अहम चुनावी मुद्दा बनाया है।
एनडीटीवी ने इस चुनावी क्षेत्र में जब कई मतदाताओं से उनके मुद्दों के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि इलाके में बिजली सप्लाई में सुधार, सड़क, पानी और रोज़गार जैसे मुद्दे उनके लिए अहम हैं। वाल्ड सिटी में बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है और कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इस क्षेत्र के विकास के लिए लंबे-चौड़े वादे किए हैं।
इस बार मुस्लिम महिला मतदाताओं ने भी बड़ी संख्या में मतदान में भाग लिया। वो चाहती हैं कि नई सरकार को महिलाओं की सुरक्षा और महंगाई के साथ-साथ उनके घरों में बिजली और पानी की सप्लाई में सुधार करने पर विशेष ध्यान देना होगा। जाहिर है, विकास इस बार बड़ा यहां मुद्दा है। मुसलमान हों या हिन्दू सबको विकास पहले चाहिए।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं