'चाय वाले' की अपनी छवि पर भरोसा करते हुए 59 साल के बलराम बारी 19वीं दफा चुनावी अखाड़े में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे बारी चांदनी चौक की गांधी गली में सड़क के किनारे चाय बेचते हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह अपने शुरुआती दिनों में 'चाय वाले' थे, उसी तरह वह भी चाय बेचते हैं।
अपनी जीत का भरोसा जाहिर करते हुए बारी ने बताया, 'अगर नरेंद्र मोदी इतनी बाधाओं से पार पाते हुए प्रधानमंत्री बन सकते हैं तो वह महज एक विधानसभा चुनाव क्यों नहीं जीत सकते।'
साल 1989 से लेकर अब तक बारी नगर निगम, लोकसभा एवं विधानसभा के 18 चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, 2012 के नगर निगम चुनाव वह नहीं लड़ पाए थे क्योंकि जिस सीट से वह लड़ते थे, उसे महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया था।
गौरतलब है कि हर चुनाव में बारी की जमानत जब्त हुई है। बारी को उम्मीद है कि इस चुनाव में उन्हें जीत हासिल होगी।
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