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This Article is From Jan 08, 2026

'कचरा और गंदा पानी की सफाई में गंभीर खामियां,' NGT ने उठाया सवाल, पढ़ें और क्या कुछ कहा 

NGT के मुताबिक दिल्ली में अनुमानित सीवेज उत्पादन 792 MGD है और दिल्ली के 37 STP के जरिए 794 MGD सीवेज का शोधन होता है लेकिन सीवेज के पानी का वास्तविक शोधन 704 MGD का होता है.

'कचरा और गंदा पानी की सफाई में गंभीर खामियां,' NGT ने उठाया सवाल, पढ़ें और क्या कुछ कहा 
दिल्ली में कचरे का निपटारन बनी एक बड़ी समस्या
  • दिल्ली में प्रतिदिन लगभग ग्यारह हजार टन ठोस कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें आठ हजार टन गार्बेज ओवरफ्लो है
  • राष्ट्रीय हरित न्यायालय ने दिल्ली सरकार को कचरा प्रबंधन पर नियमित प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं
  • दिल्ली में लगभग सात सौ चौब्बीस एमजीडी सीवेज का शोधन होता है, जबकि अठासी एमजीडी बिना शोधन के छोड़ा जाता है
नई दिल्ली:

दिल्ली में ठोस और तरल कचरे के निवारण में कई गंभीर ख़ामियां उजागर हुई हैं. यहां तक की मौजूदा स्थिति 9 STP मानकों के मुताबिक भी नहीं हैं.दिल्ली में रोज़ाना करीब 11000 टन कचरा निकलता है लेकिन 8000 टन गार्बेज ओवरफ्लो है. बाकी 3000 टन कचरा ऐसे ही रहता है, जो दिल्ली के लोगों के सेहत पर विपरीत असर डालता है.गुरुवार को NGT के प्रधानपीठ के न्न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और डॉ. ए. सेंथिल वेल ने दिल्ली में कचरा प्रबंधन पर कड़ी टिप्पणी करते हुए ये बात कही हैं. NGT ने 2023 में दिल्ली के मुख्य सचिव को नियमित प्रगति देने को कहा था लेकिन लंबे समय तक पालन नहीं किया गया.

दिल्ली में प्रतिदिन 11,000 टन से अधिक ठोस कचरा उत्पन्न होता है

चूंकि यह विषय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है, NGT ने किसी टकराव से बचने के लिए दिल्ली सरकार को नियमित प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.

यमुना की सफ़ाई की स्वतंत्र निगरानी करेगा NGT 

यमुना नदी में गिरने वाले तरल अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में पीठ ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित नहीं दिखाया गया है, इसलिए NGT इस पर स्वतंत्र रूप से निगरानी करेगा.NGT के मुताबिक दिल्ली में अनुमानित सीवेज उत्पादन 792 MGD है और दिल्ली के 37 STP के जरिए 794 MGD सीवेज का शोधन होता है लेकिन सीवेज के पानी का वास्तविक शोधन 704 MGD का होता है. जबकि 88 MGD सीवेज का शोधन नहीं होता है.क्योंकि 9 STP निर्धारित मानकों के मुताबिक नहीं हैं.यमुना नदी में वज़ीराबाद बैराज से असगरपुर गांव तक बिना उपचारित सीवेज का बहाव जारी है.

NGT ने दिया निर्देश

  • पीठ ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे सीवेज उत्पादन एवं सीवर कनेक्टिविटी
  • नालों में बहने वाले सीवेज/औद्योगिक अपशिष्ट को रोकें
  • STP की क्षमता, उपयोग एवं प्रदर्शन और स्टॉर्म वाटर ड्रेनों में सीवेज रोकने की योजना बनाए 
  • स्लज प्रबंधन एवं उपचारित जल के पुनः उपयोग से संबंधित विस्तृत सारणीबद्ध रिपोर्ट दाखिल करें

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को यमुना नदी की जल गुणवत्ता से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं.मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकरण ने कात्यायनी, अधिवक्ता और विक्रांत बडेसरा अधिवक्ता को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है.

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