विज्ञापन

मर्दानी पर महाभारत! फिल्म प्रमोशन के लिए उछाला गया ‘मिसिंग बच्चों’ का डेटा? दिल्ली पुलिस ने कहा- फैक्ट्स और अफवाहों में बड़ा फर्क

दिल्ली में मिसिंग बच्चों को लेकर फैली दहशत पर पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी गिरोह की संलिप्तता या मामलों में बढ़ोतरी नहीं हुई है. जनवरी 2026 में आंकड़े पिछले सालों से कम हैं. ऑफ रिकॉर्ड सूत्रों के अनुसार, एक फिल्म के प्रमोशनल कैंपेन में मिसिंग बच्चों के डेटा का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर अनावश्यक खौफ पैदा किया गया. पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की है.

मर्दानी पर महाभारत! फिल्म प्रमोशन के लिए उछाला गया ‘मिसिंग बच्चों’ का डेटा? दिल्ली पुलिस ने कहा- फैक्ट्स और अफवाहों में बड़ा फर्क
सांकेतिक तस्वीर
  • दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर बच्चों और व्यक्तियों के अचानक लापता होने की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया है.
  • जनवरी 2026 में दिल्ली में लापता व्यक्तियों की रिपोर्टिंग में पिछले वर्षों की तुलना में कमी दर्ज की गई है.
  • पुलिस का कहना है कि लापता बच्चों के मामलों में किसी संगठित गिरोह या नेटवर्क के जुड़ाव के सबूत नहीं मिले हैं.

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बच्चों और व्यक्तियों के लापता होने को लेकर अचानक बढ़ी चर्चा और दहशत के बीच, दिल्ली पुलिस ने इसे अफवाह बताते हुए आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है. पुलिस का कहना है कि राजधानी में ऐसी कोई असामान्य स्थिति नहीं है और न ही किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने आई है.

सूत्रों के मुताबिक, कुछ प्रमोशनल कैंपेन से जुड़े लोग (जिनका नाम पुलिस आधिकारिक रूप से नहीं लेना चाहती) लापता बच्चों के डेटा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे थे, जिससे सोशल मीडिया पर खौफ का माहौल बना. पुलिस के अनुसार, फैक्ट्स और प्रोजेक्ट की गई हकीकत में बड़ा अंतर है.

बढ़ोतरी नहीं, बल्कि कमी दर्ज

दिल्ली पुलिस के पीआरओ संजय त्यागी ने कहा कि जनवरी 2026 में पिछले सालों की तुलना में लापता व्यक्तियों की रिपोर्टिंग में कमी दर्ज हुई है. लापता बच्चों के मामलों में किसी गिरोह, नेटवर्क या संगठित अपराध के जुड़ने जैसा कोई सबूत नहीं मिला. रिपोर्टिंग पूरी तरह पारदर्शी है. थाने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ERSS-112 के जरिए केस दर्ज होते हैं.

यह भी पढ़ें- दिल्ली से लापता हुए लोगों को ट्रैक कैसे करें? ये रही ऑफिशियल वेबसाइट, जानें पूरा प्रोसेस

पुलिस ने कहा कि हर जिले में डेडिकेटेड Missing Persons Squad और क्राइम ब्रांच में Anti Human Trafficking Unit सक्रिय है.

'डरने की जरूरत नहीं, अफवाहों पर कार्रवाई होगी'

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि लापता बच्चों को लेकर वायरल मैसेज या ग्राफिक्स पर भरोसा न करें. पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी.

फिल्म के प्रमोशनल कैंपेन ने बढ़ाया भ्रम

ऑफ रिकॉर्ड पुलिस अधिकारियों ने यह भी माना कि हाल में एक फिल्म के प्रमोशनल कैंपेन ने मिसिंग बच्चों के वास्तविक डेटा को संदर्भ से काटकर इस्तेमाल किया. वही सामग्री सोशल मीडिया पर इस तरह चलाई गई कि लोगों के बीच पैनिक जैसी स्थिति बनी.  दिल्ली और मुंबई पुलिस दोनों इस बात पर एकमत हैं कि यह 'डेटा-ड्रिवन डर' वास्तविक हालात को नहीं दर्शाता.

हालांकि पुलिस ने किसी पीआर टीम या फिल्म का नाम आधिकारिक तौर पर बताने से इनकार किया है.

यह भी पढ़ें- दिल्ली में 'किडनैपिंग' का खौफ! महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को जरूर अपनाने चाहिए ये 5 इमरजेंसी सेफ्टी टिप्स

दिल्ली पुलिस का आश्वासन

पुलिस ने कहा हम हर लापता व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज करते हैं और तुरंत ट्रेसिंग शुरू होती है. घबराने की जरूरत नहीं है. अफवाहों से बचें और सही जानकारी पुलिस से ही लें.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Delhi Missing Children, Delhi Missing Children Case, Missing Child, Missing Child In Delhi, Delhi Missing People News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com