- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए हैं
- अस्पताल में मरीजों की देखभाल में लापरवाही और सरकारी नियमों की अनदेखी की शिकायतें जन सुनवाई में सामने आईं
- बीसी ब्लॉक के रहने वाले मिथिलेश झा ने बेटे की मौत का आरोप अस्पताल प्रशासन की इलाज शुरू करने में देरी पर लगाया
Fortis Hospital, Shalimar Bagh, New Delhi: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है. मरीज की देखभाल में लापरवाही और नियमों की अनदेखी की शिकायतों के बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फोर्टिस अस्पताल दिल्ली के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं. हाल ही में कई सरकारी विभागों की एक संयुक्त टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं. इन शुरुआती जानकारियों के आधार पर सरकार ने अस्पताल के खिलाफ एक्शन शुरू कर दिया है.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के 'जन सुनवाई' कार्यक्रम के दौरान सामने आया. 18 जून से 20 जून 2026 तक शालीमार बाग में आयोजित इस जन सुनवाई में स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा सरकारी नियमों और गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाने की कई शिकायतें दर्ज कराईं.
इन्हीं शिकायतों में शालीमार गांव (गली नंबर 9, बी-8) के रहने वाले मिथिलेश झा ने अपनी आपबीती सुनाई. मिथिलेश झा के मुताबिक, 4 जून 2026 को बीसी ब्लॉक शालीमार बाग के पास उनके बेटे सुनील झा पर जानलेवा हमला हुआ था. हमले में उसकी मौत हो गई.
पैसे जमा करने की जिद में गई जान!
पीड़ित पिता ने फोर्टिस अस्पताल पर बेहद संवेदनशील और गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने उनके लहूलुहान बेटे को देखने के बाद भी समय पर इलाज शुरू नहीं किया. अस्पताल प्रशासन इलाज शुरू करने से पहले एडवांस पैसे जमा करने की जिद पर अड़ा रहा. अगर अस्पताल औपचारिकताएं छोड़कर वक्त पर इलाज शुरू कर देता, तो उनके बेटे सुनील झा की जान बचाई जा सकती थी.
दिल्ली सीएम रेखा की चेतावनी
इस दर्दनाक मामले को सुनने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उत्तर दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट को फोर्टिस अस्पताल के कामकाज की विस्तृत जांच करने का जिम्मा सौंपा है. मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले और ऐसा अमानवीय व असंवेदनशील रवैया अपनाने वाले किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग का क्या कहना?
इस संबंध में फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग प्रबंधन का कहना है कि फोर्टिस मरीजों की देखभाल, क्लीनिकल उत्कृष्टता और नियामकीय अनुपालन के उच्चतम मानकों का पालन करता है. मामले से संबंधित विवरण औपचारिक रूप से प्राप्त होने के बाद हम उपलब्ध जानकारी का सावधानीपूर्वक अवलोकन करेंगे और संबंधित अधिकारियों को पूरा सहयोग प्रदान करेंगे. मरीजों की सुरक्षा और उनका कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और आगे भी रहेगा.
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