- दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आधी रात शुरू हुई.
- MCD ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मस्जिद से सटे अवैध दवा घर और बारात घर को गैरकानूनी घोषित कर कार्रवाई की.
- पुलिस ने करीब एक हजार जवान तैनात किए, सुरक्षा पुख्ता की गई और ड्रोन से पूरे इलाके की निगरानी की गई.
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में रामलीला मैदान के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आधी रात को शुरू हो गई. मूल योजना सुबह 8 बजे से कार्रवाई शुरू करने की थी, लेकिन यह तड़के करीब 1:30 बजे से शुरू कर दी गई. इस दौरान इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया और विरोध कर रहे लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा. इस दौरान पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
फैज इलाही मस्जिद मामले में पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस के पास उपद्रव करने वालों के 100 से जायदा फुटेज हैं. पुलिसकर्मियों ने बॉडीकेम पहने हुए थे, उसने कई लोगों की तस्वीरें कैद की हैं. इसके अलावा ड्रोन फुटेज और दूसरे वीडियो भी हैं.
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की, जिसमें मस्जिद से सटे अवैध दवा घर (डिस्पेंसरी) और बारात घर को गैरकानूनी घोषित किया गया था.
पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मी घायल
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पत्थरबाज़ी में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. पत्थरबाजों की पहचान सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी और घायल पुलिसकर्मियों के बयान के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, पत्थरबाज़ी की उम्मीद नहीं थी और यह घटना केवल 25-30 लोगों द्वारा की गई. फिलहाल रामलीला मैदान जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, हालांकि सुबह 11 बजे के बाद ट्रैफ़िक प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है. कार्रवाई के दौरान फेज-ए-इलाही मस्जिद की 0.195 एकड़ जमीन को छोड़कर बाकी अवैध निर्माण, जिसमें लाइब्रेरी, डिस्पेंसरी और बैंक्वेट हॉल शामिल थे, गिरा दिए गए हैं. वर्तमान में इलाके में बीएनए की धारा 164 लागू है.
अवैध कब्जे की जमीन पर हो रही तगड़ी कमाई
सूत्रों के मुताबिक बैंकिट हाल के बुकिंग का किराया 1 लाख रुपए था. यानी अवैध कब्जा करके कमर्शियल एक्टिविटी लगातार जारी थी.
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10-17 बुलडोजर और जेसीबी मशीनें लगाई गईं
जांच में पाया गया कि सरकारी जमीन पर अनधिकृत निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं. कार्रवाई में 10 से 17 बुलडोजर और जेसीबी मशीनें लगाई गईं, साथ ही 70 से ज्यादा डंपर मलबा हटाने के लिए तैनात किए गए. एमसीडी के 150 से अधिक कर्मचारी भी मौजूद रहे. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. दिल्ली पुलिस ने करीब 1000 जवानों की तैनाती की, जिनमें 9 जिलों के डीसीपी रैंक के अधिकारी शामिल थे. रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टीम भी मौके पर पहुंची.
ड्रोन से की गई पूरे इलाके की निगरानी
मस्जिद की ओर आने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग लगा दी गई थी. ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही थी. विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और नारेबाजी की. कुछ उपद्रवियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और पथराव किया, जिससे धमाकों जैसी आवाजें गूंजीं. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया.

ज्वाइंट सीपी मधुर वर्मा ने कहा, 'हमने कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की है. उपद्रव करने वालों की फुटेज से पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. ज्यादातर उपद्रवी बाहरी लोग थे, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा.'
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अब कंट्रोल में है स्थिति
पुलिस के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण में है और कार्रवाई पूरी हो चुकी है. इससे पहले दिसंबर में एमसीडी ने रामलीला मैदान से अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था. हाईकोर्ट ने मस्जिद से सटे अवैध ढांचों को हटाने के निर्देश दिए थे, हालांकि मस्जिद प्रबंधन समिति ने इसे चुनौती दी थी, लेकिन अंतरिम रोक नहीं मिली.
यह कार्रवाई पुरानी दिल्ली के संवेदनशील इलाके में हुई, जहां पहले भी अतिक्रमण हटाने को लेकर विवाद हो चुके हैं. ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी.
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