- बांग्लादेश से अवैध घुसपैठिए प्याज की बोरी में छिपकर भारत में दाखिल होकर मुंबई में बस रहे हैं.
- ये घुसपैठिए फर्जी दस्तावेज बनवाकर वोटर आईडी सहित नागरिकता के अधिकार हासिल कर रहे हैं
- मुंबई में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के लिए दस्तावेज़ बनाने का एक फिक्स्ड रेट कार्ड सिस्टम सक्रिय है
बांग्लादेश से बड़ी संख्या में घुसपैठिए भारत में दाखिल होते हैं. केंद्र सरकार अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने की कार्रवाई में जुटी हुई है. ये घुसपैठिए अवैध तरीके से कैसे भारत में दाखिल होते हैं ये कई बार सामने आ चुका है. अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए, जो सरहद पार से आए, यहां बसे और अब मुंबई के भूगोल से लेकर भविष्य तक को बदलने की साजिश रच रहे हैं. ये हम नहीं बल्कि देश के बड़े-नामी संस्थान और विश्वविद्यालयों की सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया है. देश की सबसे अमीर महापालिका BMC चुनाव की गहमागहमी के बीच “अवैध बांग्लादेशियों” का मुद्दा बेहद गर्म है, इसलिए NDTV की टीम पहुंची ग्राउंड पर, उस सच्चाई को तलाशने जिसका दावा टाटा इंस्टिट्यूट से लेकर मुंबई यूनिवर्सिटी के बड़े प्रोफेसर अपनी रिपोर्ट में कर रहे हैं.
एनडीटीवी के कैमरे के सामने बैठे एक 35 साल के शख्स ने एक-एक कर उन कड़ियों को खोला, जो बताती हैं कि बांग्लादेश से मायानगरी मुंबई तक का रास्ता कितना आसान है. अब तक आप सिर्फ रिपोर्ट्स में पढ़ते थे कि मुंबई में अवैध बांग्लादेशियों की घुसपैठ हो रही है, लेकिन आज NDTV के कैमरे पर एक जीता-जागता सबूत बेनकाब हुआ है. एक ऐसा शख्स जो सीमा पार कर भारत आया, जिसने कानून की धज्जियां उड़ाईं और आज वो गर्व से बता रहा है की वो भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े हथियार वोट देने का अधिकार भी रखता है.
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भारत में कैसे दाखिल हुआ, घुसपैठिए ने बताया
बांग्लादेशी घुसपैठिये ने बताया कि वह प्याज की बोरियों के बीच ट्रक में छिपकर भारत में घुसा था. बंगाल बॉर्डर पर ठीक से चेकिंग नहीं हुई, जिसकी वजह से वह यहां आने में सफल रहा. बांग्लादेश से सबसे पहले वह प.बंगाल के सुजापुर पहुंचा. सुजापुर से मालदा स्टेशन पहुंचा. कर्मभूमि एक्सप्रेस से तीन दिन में मुंबई आया.
ट्रेन में टिकट चेकर ने पकड़ा तो उसने 200 रुपये लेकर छोड़ भी दिया. घुसपैठिये ने बताया कि मुंबई आकर वह कुछ दिनों तक मस्जिद में रहा. फिर नवी मुंबई में मजदूरी करने पहुंचा. उसने 12 हज़ार रुपये में फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट और आधार कार्ड बनवाया. ये दस्तावेज पैसे लेकर एक एजेंट ने बनवाये थे. एजेंट से उसका वोटर आईडी कार्ड भी बनवा दिया.
अवैध तरीके से मुंबई में कैसे रह रहा घुसपैठिया?
अवैध तरीके से मुंबई पहुंचे घुसपैठिए ने बताया कि बांग्लादेश में उसके परिवार में सौतेली मां, पिता और दो भाई हैं. वह बांग्लादेश पैसे भी भेजता है. उसने बताया कि एजेंट 1000 रु पर 150 रुपए कमीशन लेता है. अवैध घुसपैठिए ने बताया कि वह सभी धर्मों के बीच खामोशी से छिपकर रहता है. उसने कहा कि सरकार हिंदू-मुस्लिम को लड़वाने का काम करती है. हमारे क़ौम वाले कहते हैं इसको-उसको वोट दो, मैं सरदर्द नहीं पालता.
हिंदी कैसे सीखी, ये भी बताया
उसने ये भी कहा कि जान पर खेलकर वह मुंबई आया था. इसीलिए वह ये जगह नहीं छोड़ेगा. अब डर नहीं लगता. कोई लड़की मिली तो यहां शादी भी करेगा. उसने बताया कि उसकी हिंदी बहुत अच्छी है, इसीलिए बातचीत के वक्त उसे कोई पकड़ नहीं पाता. बांग्लादेशी घुसपैठिए ने बताया कि उसने हिंदी फिल्में देखकर हिंदी सीखी है. वह हिंदी फिल्मे देखता है.
एजेंट कैसे बेच रहे भारत की नागरिकता
अवैध बांग्लादेशियों की घुसपैठ का ये धंधा एक फिक्स्ड 'रेट कार्ड' पर चलता है, 'एनडीटीवी' ने ऐसे कुछ एजेंट्स से बात की जिन्होंने अपनी पहचान छिपाते हुए हमारे कैमरे पर माना की कैसे चंद रुपयों के बदले भारत की नागरिकता बिक रही है. बांग्लादेशी घुसपैठियों को आर्थिक राजधानी में बसाने का एक तय रेट-कार्ड है. मुंबई में अवैध रूप से दस्तावेज़ तैयार करने वाले सिंडिकेट का चौंकाने वाला 'रेटकार्ड' भी एनडीटीवी के हाथ लगा है. जो बताता है कि 25,000 में भारतीय पहचान बेची जा रही है.
- आधार, राशन, वोटर आईडी और पैन कार्ड : इन चारों मुख्य दस्तावेज़ों का पूरा सेट बनवाने के लिए 25,000 रुपये वसूले जाते हैं.
- बर्थ सर्टिफिकेट : एक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की कीमत 5,000 से 7,000 रुपये के बीच है
- केवल राशन कार्ड बनवाने के लिए 10,000 रुपये की मांग की जाती है
- डोमिसाइल यानी निवास का प्रमाण देने वाले इस दस्तावेज़ का रेट 5,000 रुपये है
- अलग से आधार कार्ड बनवाने के लिए 5,000 रुपये लिए जाते हैं
- आयकर से जुड़ा यह पैन कार्ड 3000 रुपये में बन जाता है
- सारे काग़ज़ात तैयार हों तो वोटर आईडी तो 1,000 से 1,200 रुपये में तैयार कर दिया जाता है
इस फिक्स्ड रेटकार्ड की हकीकत बयां करने वाला एक एजेंट भी एनडीटीवी के कैमरे पर आया. इसकी बातें सुनकर हैरानी होगी कि एक बांग्लादेशी को बसाने में सिर्फ पैसे नहीं बल्कि स्थानीय नेता से लेकर कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी ज़रूरी है. एक भ्रष्ट सिस्टम ही घुसपैठियों को बसा रहा है.
एक साल पहले प्रतिष्ठित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज़ TISS ने मुंबई का भूगोल बदल रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे थे, अब मुंबई स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पब्लिक पॉलिसी (MSEPP), मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई सर्वे रिपोर्ट "The Mumbai - Silent Invasion" की नई रिपोर्ट भी हैरानी बढ़ाती है.
- 7000 हज़ार प्रवासियों से बातचीत में 3,014 प्रवासी अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठिये मिले
- 73% अवैध बांग्लादेशियों के पास वोटर आईडी कार्ड पाया गया है
- जुलाई 2024 से जुलाई 2025 के बीच 7,000 से ज्यादा लोगों पर किए गए इस सर्वे में जो सामने आया, वो डराने वाला है.
- देश का पैसा बाहर जा रहा है, लगभग 40% अवैध प्रवासी अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बाहर भेज रहे हैं.
- मुंबई के गोवंडी, मानखुर्द, कुर्ला और बाहरी स्लम इलाकों में ये अवैध आबादी तेज़ी से पैर पसार रही है
- सेन्सस का हवाला देते हुए सर्वे रिपोर्ट में दावे किए गए हैं की हिंदू आबादी के अनुपात में भारी गिरावट भारी आई है
- 1961 में हिंदू आबादी 88% थी, जो 2011 में गिरकर 66% रह गई है.
- इसी अवधि के दौरान, मुस्लिम आबादी का हिस्सा 8% से बढ़कर 21% हो गया है
- रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2051 तक मुंबई में हिंदू आबादी घटकर 50% से भी कम यानी अल्पसंख्यक हो सकती है
- रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम आबादी में बढ़त का एक बड़ा अप्राकृतिक पैटर्न है-अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों की घुसपैठ, जिनकी बढ़ती संख्या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन रही है
- सर्वे रिपोर्ट में बताया गया की सरकारी अस्पतालों और नगर निगम की स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव है, जिससे हेल्थ सिस्टम ढहने की कगार पर है
- अवैध सस्ते श्रम की बाढ़ से स्थानीय मजदूरों के काम और उनकी मजदूरी पर बुरा असर पड़ रहा है
- अवैध कब्जे के कारण मुंबई के इकोलॉजिकल बफ़र्स और मैंग्रोव्स खत्म हो रहे हैं, जिससे बाढ़ और प्राकृतिक आपदा का खतरा बढ़ गया है
- बस्तियों में एक ही समुदाय के लोगों के जमावड़े से सामाजिक सद्भाव बिगड़ रहा है और आपसी संघर्ष की आशंका बढ़ रही है
बिना कानूनी सुरक्षा के इन बस्तियों में महिलाओं का यौन शोषण और बच्चों के स्वास्थ्य में भारी गिरावट देखी जा रही है
रिपोर्ट चेतावनी देती है कि अगर इसे रोका नहीं गया, तो एक पीढ़ी के भीतर मुंबई का जनसंख्या ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा
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