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This Article is From Oct 08, 2017

आरोपी को दिल्ली से बाहर रखने के LG के आदेश को अदालत ने रखा बरकरार

दिल्ली उच्च न्यायाल ने उपराज्यपाल के उस आदेश को बरकरार रखा है जिसमें उन्होंने एक व्यक्ति को उसके आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी की सीमा से बाहर करने का आदेश दिया था.

आरोपी को दिल्ली से बाहर रखने के LG के आदेश को अदालत ने रखा बरकरार
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने उपराज्यपाल के उस आदेश को बरकरार रखा है जिसमें उन्होंने एक व्यक्ति को उसके आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी की सीमा से बाहर करने का आदेश दिया था.

न्यायमूर्ति विनोद गोयल ने कहा कि व्यक्ति के तर्क में कोई दम नहीं है कि संबंधित प्राधिकारी के पास निर्वासन का आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि अपने आवास स्थान पर रहना उसका मौलिक अधिकार है.

पुलिस ने निर्वासन प्रक्रिया की शुरुआत अपराधियों को उनके इलाके से दूर रखने के लिए की है ताकि वह उपद्रव न पैदा कर सकें. अदालत ने कहा है कि उप राज्यपाल द्वारा 22 मार्च को दिए गए आदेश में हस्तक्षेप करने की कोई वजह नहीं है. दिल्ली पुलिस के 10 फरवरी के फैसले में याचिकाकर्ता को निर्देश दिया गया था कि वह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक साल तक बाहर रहे.

अदालत ने कहा, ' मौजूदा मामले में सबूत और अन्य रिकॉर्ड चीजों में याचिकाकर्ता को प्राधिकारी ने भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत आने वाले कई आपराधिक मामलों में शामिल हुआ पाया था.'
 

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