
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सेंट स्टीफेंस हॉस्पिटल के चिकित्सक के लापता होने तथा सहकर्मी की कथित हत्या के मामले की जांच की प्रगति की महीने में एक बार समीक्षा करने के आदेश निचली अदालत को दिए हैं. लापता डॉ सुयश गुप्ता अपने सहकर्मी डॉ शाश्वत पांडेय की कथित हत्या के मामले में आरोपी हैं. पांडे अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में प्रशिक्षु के तौर पर काम करते थे और पिछले वर्ष अगस्त में सीटी स्कैन लैब में मृत पाए गए थे. उनका गला काटा गया था.
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न्यायाधीश एस मुरलीधर और न्यायाधीश आईएस मेहता की पीठ ने वंदना गुप्ता की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया. याचिकाकर्ता ने अपने बेटे डॉ सुयश गुप्ता का पता ठिकाना मालूम करने के लिए याचिका दाखिल की थी.
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली पुलिस ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल की थी जिसमें चिकित्सक का पता ठिकाना मालूम करने के लिए सब्जी मंडी पुलिस थाने की जांच का विस्तार से जिक्र किया गया था. देश में यह भी कहा गया कि जांच के इस चरण में इस रिपोर्ट को चिकित्सक की मां के साथ साझा नहीं किया जा सकता.
आदेश में कहा गया, ‘‘ इस स्थिति रिपोर्ट को रजिस्ट्री के पास सील बंद लिफाफे में रखा जाए और अदालत के आदेश के अलावा इसे देखने की इजाजत नहीं दी जाए.’’ गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त माह से लापता चल रहा चिकित्सक अपने सहकर्मी चिकित्सक शाश्वत पांडे की मौत के मामले में मुख्य संदिग्ध है. उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई कर रहे मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को इस मामले की जांच की प्रगति के बारे में पता लगाने के लिए एक माह में कम से कम एक बार इसे सूचीबद्ध करने के आदेश दिए.
इनपुट- भाषा
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न्यायाधीश एस मुरलीधर और न्यायाधीश आईएस मेहता की पीठ ने वंदना गुप्ता की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया. याचिकाकर्ता ने अपने बेटे डॉ सुयश गुप्ता का पता ठिकाना मालूम करने के लिए याचिका दाखिल की थी.
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली पुलिस ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल की थी जिसमें चिकित्सक का पता ठिकाना मालूम करने के लिए सब्जी मंडी पुलिस थाने की जांच का विस्तार से जिक्र किया गया था. देश में यह भी कहा गया कि जांच के इस चरण में इस रिपोर्ट को चिकित्सक की मां के साथ साझा नहीं किया जा सकता.
आदेश में कहा गया, ‘‘ इस स्थिति रिपोर्ट को रजिस्ट्री के पास सील बंद लिफाफे में रखा जाए और अदालत के आदेश के अलावा इसे देखने की इजाजत नहीं दी जाए.’’ गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त माह से लापता चल रहा चिकित्सक अपने सहकर्मी चिकित्सक शाश्वत पांडे की मौत के मामले में मुख्य संदिग्ध है. उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई कर रहे मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को इस मामले की जांच की प्रगति के बारे में पता लगाने के लिए एक माह में कम से कम एक बार इसे सूचीबद्ध करने के आदेश दिए.
इनपुट- भाषा
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