विज्ञापन
This Article is From Oct 24, 2025

पराली या गाड़ियां... दिल्ली में प्रदूषण का कौन बड़ा दोषी? CSE की कार्यकारी निदेशक ने बताया

विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि अभी दिल्ली के प्रदूषण में पराली का जो कंट्रीब्यूशन है. वह 1% से 2% के बीच में है. इसका मतलब यह हुआ कि दिल्ली में लोकल पॉल्यूशन का जो प्रभाव है. वह कई गुना ज्यादा है. 15 अक्टूबर से पहले 70 से 100 तक हर दिन पराली जलाने की घटनाएं 6 राज्यों में रिकॉर्ड हो रही थी. लेकिन 15 अक्टूबर के बाद से अब 200 से भी ज्यादा पहुंच चुका है. 

पराली या गाड़ियां... दिल्ली में प्रदूषण का कौन बड़ा दोषी? CSE की कार्यकारी निदेशक ने बताया
  • दिल्ली में दिवाली से लेकर बीस अक्टूबर के बीच प्रदूषण स्तर में साढ़े एक गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है.
  • दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान केवल एक से दो प्रतिशत के बीच सीमित है.
  • पराली जलाने की घटनाएं पंद्रह अक्टूबर के बाद छह राज्यों में दो सौ से अधिक हो गई हैं.
नई दिल्ली:

विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी ने एनडीटीवी से दिल्ली के प्रदूषण स्तर में पराली जलाने और दिल्ली में बढ़ते वाहन प्रदूषण के योगदान पर बात की. उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर, 2025 से दिवाली के दिन 20 अक्टूबर के बीच  प्रदूषण दिल्ली में 1.6 गुना तक  बढ़ गया.

विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि अभी दिल्ली के प्रदूषण में पराली का जो कंट्रीब्यूशन है. वह 1% से 2% के बीच में है. इसका मतलब यह हुआ कि दिल्ली में लोकल पॉल्यूशन का जो प्रभाव है. वह कई गुना ज्यादा है. 15 अक्टूबर से पहले 70 से 100 तक हर दिन पराली जलाने की घटनाएं 6 राज्यों में रिकॉर्ड हो रही थी. लेकिन 15 अक्टूबर के बाद से अब 200 से भी ज्यादा पहुंच चुका है. 

अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि सबसे ज्यादा प्रणाली जलाने की घटनाएं दिवाली के अगले दिन हुई जब 268 तक आंकड़ा पहुंच गया. पराली जलाने की 196 घटनाएं रिकॉर्ड की गई है. 6 राज्यों में अभी पराली जलाने की घटनाएं बढ़नी शुरू हुई है. कल पराली जलाने की घटनाओं की वजह से जो कंट्रीब्यूशन था प्रदूषण में 1.6% था. आने वाले दिनों में जब पराली जलाने की घटनाएं बढ़ेगी तो दिल्ली के प्रदूषण में पराली का जो कंट्रीब्यूशन है वह और तेजी से बढ़ेगा.

अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि दिल्ली के प्रदूषण में गाड़ियों का कॉन्ट्रिब्यूशन प्रदूषण के जो लोकल स्रोत है  उनमें 40% से 50% तक है. प्रदूषण की समस्या का आधा कारण गाड़ियों से निकलने वाला प्रदूषण है. दिल्ली में गाड़ियां सबसे ज्यादा प्रदूषण फैल रही हैं. हमें अब जीरो एमिशन ट्रांजिशन चाहिए और इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम चाहिए.

अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि ओड एंड इवन एक अस्थायी और इमरजेंसी उपाय है जैसे आप ट्रक और कंस्ट्रक्शन को कुछ दिनों के लिए बंद करते हैं. अगर आप एक हफ्ते के लिए विषम और सम योजना अगर कर भी ले तो उससे कुछ होने वाला नहीं है. सिर्फ कुछ हद तक राहत मिलेगी जब प्रदूषण शहर में दबा हुआ है. लेकिन इससे प्रदूषण का स्थाई समाधान नहीं होगा. हर साल शरद ऋतु के दौरान प्रदूषण तेजी से बढ़ता है क्योंकि हवा धीमी पड़ जाती है और प्रदूषण शहर से बाहर नहीं निकल पाता. हवा में प्रदूषण दब जाती है जिस वजह से सर्दियों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Delhi Pollution, Delhi News, Anumita Roy Chowdhury, Centre For Science And Environment
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com