दिल्ली में दिवाली से लेकर बीस अक्टूबर के बीच प्रदूषण स्तर में साढ़े एक गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है. दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान केवल एक से दो प्रतिशत के बीच सीमित है. पराली जलाने की घटनाएं पंद्रह अक्टूबर के बाद छह राज्यों में दो सौ से अधिक हो गई हैं.