दिल्ली-एनसीआर में हवा फिर हुई जहरीली, कई इलाकों में AQI 500 के करीब पहुंचा

Air Quality Index Delhi: दिल्ली की वायु गुणवत्ता पिछले कुछ दिन बेहतर रहने के बाद बुधवार सुबह एक बार फिर पड़ोसी राज्यों में जल रही पराली के कारण ‘गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है.

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नई दिल्ली:

दिल्ली की वायु गुणवत्ता (Delhi Air Quality) पिछले कुछ दिन बेहतर रहने के बाद बुधवार सुबह एक बार फिर पड़ोसी राज्यों में जल रही पराली के कारण ‘गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है. सरकार के वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र ‘वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली (सफर) ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बुधवार को ‘गंभीर' या ‘बेहद गंभीर' श्रेणी में प्रवेश कर गया है. वहीं एक अधिकारी ने ट्वीट कर कहा, ‘पूर्वानुमान के मुताबिक हवा की गुणवत्ता 14 नवंबर तक गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका है.' बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) नोएडा के सेक्टर-62 (472), सेक्टर-16ए (441), ग्रेटर नोएडा पार्क-III (458), सेक्टर-125 (466), सेक्टर-62 (469), सेक्टर-1 (481) और सेक्टर-116 (473) में बेहद गंभीर श्रेणी में रहा. वहीं दिल्ली के आर के पुरम (447) में भी AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया. 

गाजियाबाद के इंदिरापुरम (465), लोनी (475), संजय नगर (469) और वसुंधरा (479) में भी AQI गंभीर श्रेणी में पहुंच गया. वहीं दिल्ली के कई इलाकों अफ्रीका एवेन्यू और वसंत विहार में विजिबिलिटी बेहद कम है. मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सर्दियों के आगाज के साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट से हवा में ठंडक बढ़ गई है और भारीपन आ गया है, जिससे प्रदूषक तत्व जमीन के निकट जमा हो रहे हैं. वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण ब्यूरो (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का AQI बुधवार को बेहद गंभीर श्रेणी में रहेगा. इसके साथ ही 37 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन में अधिकतर ने वायु गुणवत्ता को ‘गंभीर' श्रेणी में रखा. 


बता दें, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 0-50 के बीच ‘अच्छा', 51-100 के बीच ‘संतोषजनक', 101-200 के बीच ‘मध्यम', 201-300 के बीच ‘खराब', 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब', 401-500 के बीच ‘गंभीर' और 500 के पार ‘बेहद गंभीर एवं आपात' माना जाता है. विशेषज्ञों ने बताया कि प्रदूषण के स्तर में वृद्धि को हवा की गति में गिरावट आ सकती है. उन्होंने कहा कि पराली जलाए जाने से निकलने वाले धुएं के बढ़ने की आशंका है, जिससे दिल्ली में अगले दो दिनों में हवा की गति में गिरावट आ सकती है. सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी सेवा ‘सफर' के अनुसार शहर में 25 प्रतिशत प्रदूषण पराली के जलने की वजह से है. साथ ही प्रदूषण में वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली सरकार ने सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के मद्देनजर (11-12 नवंबर) अपनी ऑड-ईवन योजना के तहत प्रतिबंध को हटा दिया था.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)