सोशल मीडिया पर एक नाम इन दिनों तेजी से चर्चा में है निशु आजाद, जिसकी उम्र करीब 15 साल, लेकिन सोशल मीडिया और सड़कों पर आंदोलनों में उनकी सक्रियता ने उन्हें काफी पहले से पहचान दिलाई है. छात्र और सामाजिक मुद्दों से जुड़े प्रदर्शनों में नजर आने वाली निशु आज अब एक ऐसे विवाद के केंद्र में हैं, जिसमें उनके पिता पर जंतर-मंतर पर कथित हमले का मामला फिर सुर्खियों में आ गया है.
इस मामले में निशु ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मदद की अपील की. राहुल गांधी ने उनका वीडियो शेयर करते हुए समर्थन जताया. इसके बाद आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद भी उनके समर्थन में दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे. CJP कार्यकर्ताओं के साथ निशु ने भी पुलिस से कार्रवाई की मांग की. दिल्ली पुलिस की ओर से 72 घंटे में कार्रवाई का भरोसा दिए जाने का निशु ने दावा किया है.
लेकिन आखिर निशु आजाद कौन हैं?
निशु आजाद सोशल मीडिया पर @voiceofneeshu नाम से सक्रिय हैं. उनके Instagram अकाउंट पर करीब 3.85 लाख फॉलोअर्स हैं और 400 से ज्यादा पोस्ट हैं. उनके प्रोफाइल बायो में खुद को “Ambedkarite, Atheist, Political, Influencer” बताया गया है. यानी सोशल मीडिया पर उनकी पहचान सिर्फ एक छात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी लगातार कंटेंट पोस्ट करती हैं.
उनके आंदोलनों, प्रदर्शन और राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों से जुड़े वीडियो बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं. इसी सोशल मीडिया सक्रियता के कारण निशु की पहचान बहुजन मुद्दों पर बोलने वाली युवा कंटेंट क्रिएटर और एक्टिविस्ट के रूप में बनी है.
UGC के विरोध से लेकर जंतर-मंतर तक
निशु की सक्रियता का एक बड़ा हिस्सा छात्र मुद्दों से जुड़े आंदोलनों में दिखाई देता है. जनवरी 2026 में UGC Equity Regulations को लेकर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों में भी निशु का नाम सामने आया. दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों समेत कई समूहों ने नए नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. निशु भी इस मुद्दे से जुड़े विरोध में दिखाई दी थीं.
इसके बाद उनका नाम जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़ा. इसी प्रदर्शन के दौरान उनके पिता संजय कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज के बीच कथित मारपीट हुई. यही मामला अब कई महीने बाद फिर चर्चा में है.
CJP से जुड़ीं, प्रदर्शनों में रहीं सक्रिय
निशु को कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP से जुड़े प्रदर्शनों में सक्रिय तौर पर देखा गया है. जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद भी उनके सोशल मीडिया अकाउंट से आंदोलन से जुड़े वीडियो और पोस्ट सामने आते रहे हैं. निशु की सोशल मीडिया गतिविधियों को देखने पर यह साफ है कि वह सिर्फ किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं रहतीं. छात्र, सामाजिक न्याय, बहुजन राजनीति और सरकार से जुड़े मुद्दों पर वह अपनी राय और विरोध दर्ज करती रही हैं.
पहले भी चर्चा में आईं
निशु इससे पहले भी अपने राजनीतिक और सामाजिक कंटेंट की वजह से सोशल मीडिया पर चर्चा में रही हैं. उनके अकाउंट से सामने आने वाले पोस्ट और वीडियो में वह सार्वजनिक मुद्दों पर मुखर नजर आती हैं. उनकी पहचान बहुजन सोशल मीडिया क्रिएटर और एक्टिविस्ट के तौर पर भी की गई है. हालांकि उनकी ओर से किए गए हर प्रदर्शन में उनकी सटीक भूमिका या तारीख का स्वतंत्र रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. ऐसे में उनकी Instagram पोस्ट को आधार बनाकर ही किसी आंदोलन में उनकी मौजूदगी का दावा करना ज्यादा उचित है.
अब अचानक क्यों चर्चा में हैं निशु?
जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ कथित मारपीट हुई थी. मामला दर्ज होने के बाद यह विवाद ज्यादा बड़ा नहीं हुआ, लेकिन हाल ही में एक पॉडकास्ट का वीडियो वायरल हुआ. इसमें खुद को हिंदुत्व एक्टिविस्ट बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर इस घटना का जिक्र करते हुए संजय कुमार के सिर पर हमला करने की बात करते नजर आए.
वीडियो सामने आने के बाद CJP ने सवाल उठाया कि अगर भारद्वाज ने खुद घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई. इसके बाद निशु ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए.
चंद्रशेखर आजाद भी पहुंचे थाने
4 सितंबर को मामला एक कदम और आगे बढ़ा. CJP कार्यकर्ता संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे और स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस प्रतिनिधिमंडल में चंद्रशेखर आजाद भी शामिल हुए. CJP ने मामले में कड़ी कार्रवाई और गंभीर धाराएं लगाने की मांग की.
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