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Grindr: रैपिडो ड्राइवर-दुकानदार निकले किडनैपर! डेटिंग ऐप पर ग्राइंडर पर मुलाकात बनी जी का जंजाल

Grindr App Gurugram: गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर में ग्राइंडर ऐप के जरिए दोस्ती कर एक युवक के अपहरण और लूटपाट का मामला सामने आया है. पुलिस ने नशे की लत पूरी करने के लिए वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

Grindr: रैपिडो ड्राइवर-दुकानदार निकले किडनैपर! डेटिंग ऐप पर ग्राइंडर पर मुलाकात बनी जी का जंजाल
गुरुग्राम में 'डिजिटल मौत' का जाल: ग्राइंडर ऐप पर बुलाया, फिर पहाड़ियों में ले जाकर युवक के साथ जो किया वो रूह कंपा देगा!
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Grindr App Gurugram: दिल्ली-एनसीआर से सटे गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर इलाके में एक युवक को 'ग्राइंडर' (Grindr) ऐप के जरिए बुलाकर उसका अपहरण करने, मारपीट करने और जबरन पैसे ट्रांसफर कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. (साहिल मनचंदा की र‍िपोर्ट)

गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, 5 मई को आईएमटी सेक्टर-07 थाने में एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़ित ने बताया कि वह कासन गांव में किराए पर रहता है. 4 मई की रात करीब सवा 12 बजे वह अपने घर के बाहर खड़ा था, तभी सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार चार युवक वहां पहुंचे. उन्होंने युवक को जबरदस्ती गाड़ी में डाला और कासन की पहाड़ियों की तरफ ले गए.

मारपीट कर मांगे 50 हजार रुपये

गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता अशोक ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित के साथ बेरहमी से मारपीट की और उससे 50 हजार रुपये की मांग की. बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया और पासवर्ड पूछकर उसके बैंक खाते से 2,500 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए. इसके बाद पीड़ित युवक मौका पाकर वहां से भागने में सफल रहा. पुलिस ने शिकायत मिलते ही संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

मामले की जांच के दौरान अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) मानेसर की टीम ने चारों आरोपियों को धर दबोचा. पकड़े गए आरोपियों की पहचान आशीष, नरेश कुमार, शिवम और आशु के रूप में हुई है. पुलिस ने इनमें से तीन आरोपियों को आईएमटी मानेसर से, जबकि चौथे आरोपी आशु को भांगरौला गांव से गिरफ्तार किया.

आरोपी नरेश गुरुग्राम में 'रैपिडो' चलाता

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी नरेश गुरुग्राम में 'रैपिडो' चलाता है और आशु एक परचून की दुकान चलाता है. आरोपियों ने बताया कि उनकी पहचान पीड़ित युवक से 'ग्राइंडर' ऐप के जरिए हुई थी. इसी का फायदा उठाकर उन्होंने युवक को कार में बैठाया और वारदात को अंजाम दिया. घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार दादरी से किराए पर ली गई थी. लूटी गई राशि आरोपी नरेश के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी. आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि वे नशे के आदी हैं और अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए ही उन्होंने इस अपराध को अंजाम दिया.

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