- ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो परियोजना के लिए केंद्र सरकार से अगले डेढ़ महीने में मंजूरी मिलने की उम्मीद है
- प्रस्तावित मेट्रो रूट 7.5 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें पांच मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे
- यह मेट्रो लाइन नोएडा सेक्टर-51 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 तक जाएगी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोग सालों से मेट्रो आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. बहुत से लोगों ने तो घर और फ्लैट सालों पहले ये सोचकर ही खरीदे थे कि यहां मेट्रो आते ही कनेक्टिविटी बढ़िया हो जाएगी. लेकिन अब तक मेट्रो यहां नहीं आ सकी है. लेकिन अब उम्मीद जताई जा रही है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो को शायद जल्द मंजूर मिल जाए. नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने दावा किया है कि केंद्र सरकार से अगले डेढ़ महीने में इस मेट्रो रूट को मंजूरी मिल सकती है. उन्होंने बताया कि 7.5 किमी. लंबे इस रूट पर 5 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जल्द दौड़ेगी मेट्रो
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने पीआईबी की बैठक में ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया. NMRC ने दावा किया कि इस मेट्रो रूट के लिए पीआईबी ने मंजूरी दे दी है. मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट में रखा जाएगा. डेढ़ महीने में इसे कैबिनेट से मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इस बात को सुनते ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों की उम्मीद फिर से जाग गई है.
- मेट्रो कॉरिडोर की अनुमानित लागत करीब 900 करोड़ रुपये
- 7.5 किमी. लंबे इस रूट पर 5 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित
- मेट्रो लाइन नोएडा सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 तक जाएगी
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच कनेक्टिविटी होगी और मजबूत
- रोजाना आने-जाने वाले लाखों लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
मेट्रो रूट को मिली मंजूरी
NMRC के कार्यकारी निदेशक क्रांति शेखर ने दावा किया कि मेट्रो रूट को लेकर पीआईबी की सहमति मिल गई है, लेकिन उनकी तरफ से इसे लेकर कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है. कुछ ही दिनों में नोटिस भी जारी हो सकता है. इसके बाद इस कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी और फिर नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो के लिए टेंडर जारी कर दिया जाएगा. उम्मीद है कि अगले साल जनवरी-फरवरी में इस रूट पर मेट्रो का काम शुरू हो जाए.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर की लागत
प्रस्तावित योजना के मुताबिक, इस मेट्रो कॉरिडोर की अनुमानित लागत करीब 900 करोड़ रुपये है. यह मेट्रो लाइन नोएडा सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 तक जाएगी. इस कॉरिडोर के निर्माण से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी और रोजाना आने-जाने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो से इन लोगों को फायदा
पिछले कुछ सालों में ग्रेटर नोएडा वेस्ट देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले आवासीय क्षेत्रों में शामिल हो गया है. यहां हजारों बिल्डिंग्स हैं. लगातार बढ़ती आबादी के बावजूद क्षेत्र में अभी भी सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्प हैं. ज्यादातर लोगों को नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद आने-जाने के लिए निजी वाहनों, कैब या साझा ऑटो पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे ट्रैफिक जाम और यात्रा का समय दोनों बढ़ जाते हैं.
सेक्टर-51 से सेक्टर-4 तक दौड़ेगी मेट्रो
इस मेट्रो परियोजना से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सेक्टर-4 सहित आसपास के अनेक सेक्टरों और आवासीय सोसायटियों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. सेक्टर-51 से जुड़ाव होने से यात्रियों को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क तक भी आसान पहुंच मिलेगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों तक सफर अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा.
पहले 11 स्टेशन थे प्रस्तावित, अब 5 होंगे
पहले नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नोलेज-5 तक मेट्रो चलाई जानी थी. इस पूरे रूट पर 11 स्टेशन प्रस्तावित थे. लेकिन गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा वेस्ट होते हुए जेवर तक RRTS चलाए जाने वाले प्रस्ताव के बाद यह योजना खटाई में पड़ गई. नए सिरे से डीपीआर बनाकर अब सेक्टर-4 तक मेट्रो चलाए जाने का फैसला लिया गया है.
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